अध्यात्म

आज शनि अमावस्या पर इस तरह करें शनिदेव की आराधना, जरा भी नहीं सताएगा साढ़ेसाती का प्रकोप

Shani Amavasya 2025 : आज भाद्रपद महीने की अमावस्या तिथि है और आज का दिन शनिवार होने के कारण इसे शनि अमावस्या कहा जा रहै है। यदि आज के दिन आप शनिदेव की बुरी दृष्टि से खुद को बचाना चाहते हैं, तो आपको आज शनि देव की विशेष आराधना करनी चाहिए। आज हम आपको शनि पूजा के कारगर टिप्स देने जा रहे हैं।

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शनि अमावस्या 2025 (Photo - Canva)

Shani Amavasya 2025 : 23 अगस्त के दिन भाद्रपद महीने की अमावस्या तिथि है और आज का दिन शनिवार होने के कारण इसे शनि अमावस्या कहा जा रहै है। शनिवार का दिन और अमावस्या तिथि दोनों मिलकर एक खास संयोग बनाते हैं। जिसमें शनिदेव की पूजा का विशेष लाभ मिलता है। आज हम आपको शनिदेव की पूजा के लिए कुछ खास चीजें बताएंगे। आज के दिन आपको शनि चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए। इससे आप शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या का प्रकोप कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

शनि चालीसा

दोहा-

जय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महराज।

करहुं कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।।

चौपाई

जयति-जयति शनिदेव दयाला।

करत सदा भक्तन प्रतिपाला।।

चारि भुजा तन श्याम विराजै।

माथे रतन मुकुट छवि छाजै।।

परम विशाल मनोहर भाला।

टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला।।

कुण्डल श्रवण चमाचम चमकै।

हिये माल मुक्तन मणि दमकै।।

कर में गदा त्रिशूल कुठारा।

पल विच करैं अरिहिं संहारा।।

पिंगल कृष्णो छाया नन्दन।

यम कोणस्थ रौद्र दुःख भंजन।।

सौरि मन्द शनी दश नामा।

भानु पुत्रा पूजहिं सब कामा।।

जापर प्रभु प्रसन्न हों जाहीं।

रंकहु राउ करें क्षण माहीं।।

पर्वतहूं तृण होई निहारत।

तृणहूं को पर्वत करि डारत।।

राज मिलत बन रामहि दीन्हा।

कैकइहूं की मति हरि लीन्हा।।

बनहूं में मृग कपट दिखाई।

मात जानकी गई चुराई।।

लषणहि शक्ति बिकल करि डारा।

मचि गयो दल में हाहाकारा।।

दियो कीट करि कंचन लंका।

बजि बजरंग वीर को डंका।।

नृप विक्रम पर जब पगु धारा।

चित्रा मयूर निगलि गै हारा।।

यहां पढ़ें शनि चालीसा

हार नौलखा लाग्यो चोरी।

हाथ पैर डरवायो तोरी।।

भारी दशा निकृष्ट दिखाओ।

तेलिहुं घर कोल्हू चलवायौ।।

विनय राग दीपक महं कीन्हो।

तब प्रसन्न प्रभु ह्नै सुख दीन्हों।।

हरिशचन्द्रहुं नृप नारि बिकानी।

आपहुं भरे डोम घर पानी।।

वैसे नल पर दशा सिरानी।

भूंजी मीन कूद गई पानी।।

श्री शकंरहि गहो जब जाई।

पारवती को सती कराई।।

तनि बिलोकत ही करि रीसा।

नभ उड़ि गयो गौरि सुत सीसा।।

पाण्डव पर ह्नै दशा तुम्हारी।

बची द्रोपदी होति उघारी।।

कौरव की भी गति मति मारी।

युद्ध महाभारत करि डारी।।

रवि कहं मुख महं धरि तत्काला।

लेकर कूदि पर्यो पाताला।।

शेष देव लखि विनती लाई।

रवि को मुख ते दियो छुड़ाई।।

वाहन प्रभु के सात सुजाना।

गज दिग्गज गर्दभ मृग स्वाना।।

जम्बुक सिंह आदि नख धारी।

सो फल ज्योतिष कहत पुकारी।।

गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं।

हय ते सुख संपत्ति उपजावैं।।

गर्दभहानि करै बहु काजा।

सिंह सिद्धकर राज समाजा।।

जम्बुक बुद्धि नष्ट करि डारै।

मृग दे कष्ट प्राण संहारै।।

जब आवहिं प्रभु स्वान सवारी।

चोरी आदि होय डर भारी।।

तैसहिं चारि चरण यह नामा।

स्वर्ण लोह चांदी अरु ताम्बा।।

लोह चरण पर जब प्रभु आवैं।

धन सम्पत्ति नष्ट करावैं।।

समता ताम्र रजत शुभकारी।

स्वर्ण सर्व सुख मंगल भारी।।

जो यह शनि चरित्रा नित गावै।

कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै।।

अद्भुत नाथ दिखावैं लीला।

करैं शत्रु के नशि बल ढीला।।

जो पंडित सुयोग्य बुलवाई।

विधिवत शनि ग्रह शान्ति कराई।।

पीपल जल शनि-दिवस चढ़ावत।

दीप दान दै बहु सुख पावत।।

कहत राम सुन्दर प्रभु दासा।

शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा।।

शनिवार के लिए विशेष उपाय

  • शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें।
  • शनिवार के दिन लोहे की कटोरी में तेल डालकर उसमें अपना चेहरा देखें और वह तेल गरीब को दान करें।
  • शनिवार के दिन मंदिर में या किसी जरूरतमंद को काला तिल, काली उड़द और गुड़ का दान करें।
  • शनिवार के दिन किसी गरीब व्यक्ति को जूते-चप्पल का दान करना शनि दोष से राहत दिलाता है।
  • शनिवार के दिन कौवे को काले तिल, रोटी या चावल खिलाना शनि देव को प्रसन्न करने का कारगर उपाय है।
  • शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शनि प्रकोप से बचाने में कारगर होता है।

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गुलशन कुमार
गुलशन कुमार Author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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