Shab-e-Meraj 2026: शब-ए-मेराज पर अल्लाह से मांगें ये दुआएं, हो जाएंगी कुबूल
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 16, 2026, 10:03 AM IST
Shab-e-Meraj 2026: शब-ए-मेराज इस्लाम में बेहद पाक रात माना गया है। साल 2026 में यह 16 जनवरी यानी की आज है। माना जाता है कि इस रात को हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को अल्लाह की ओर से खास सम्मान मिला था। इस रात को दुआओं की कबूलियत की रात भी माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन अल्लाह से क्या दुआ मांगनी चाहिए?
शब-ए-मेराज की रात खुदा से क्या दुआ मांगें
Shab-e-Meraj 2026: शब-ए-मेराज इस्लाम में एक बेहद पाक और बरकत वाली रात मानी जाती है। यह वही मुकद्दस रात है जब हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को अल्लाह की तरफ से खास सम्मान मिला। इस रात को रहमत, मगफिरत और दुआओं की कबूलियत की रात कहा जाता है। इस रात में लोग अल्लाह से अपने दिल की बात कहने और बेहतर जिंदगी की दुआ मांगने की कोशिश करते हैं। आज 16 जनवरी 2026 को यह पाक रात है। रजब महीने की 27वीं रात होती है।
इस रात पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अल-इसरा वल-मेराज की यात्रा की, सातों आसमानों की सैर की और अल्लाह से सीधी मुलाकात का सम्मान प्राप्त किया। इसी रात मुसलमानों पर पांच वक्त की नमाज़ फर्ज़ हुई। इस रात अल्लाह की रहमत और बरकत का सिलसिला बहुत खास होता है, इसलिए इस रात की दुआएं कबूल होने की उम्मीद बहुत ज्यादा रखी जाती है।
शब-ए-मेराज की रात की अहमियत
इस रात को अल्लाह की रहमत खास तौर पर नाजिल होती है। माना जाता है कि इस पाक रात में की गई इबादत और दुआओं को अल्लाह कुबूल फरमाता है। इसलिए लोग इस रात को जागकर अल्लाह की इबादत करते हैं और दिल से दुआ मांगते हैं।
शब-ए-मेराज की रात गुनाहों की माफी की दुआ
शब-ए-मेराज की रात अल्लाह से सबसे पहले अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए। इंसान जाने-अनजाने में कई गलतियां करता है, इसलिए सच्चे दिल से तौबा करना इस रात का अहम अमल माना जाता है। अल्लाह से यह दुआ करें कि वह हमारे छोटे-बड़े सभी गुनाहों को माफ फरमा दे और हमें सही रास्ते पर चलने की तौफीक अता करे।
इमान की मजबूती के लिए दुआ
इस मुकद्दस रात में अपनी इमान की मजबूती के लिए दुआ मांगना भी बहुत जरूरी माना जाता है। अल्लाह से यह फरियाद करें कि वह हमारे दिल में सच्चा इमान कायम रखे, हमें नेक अमल करने वाला बनाए और बुराइयों से दूर रखे।
अपने और परिवार की सलामती की दुआ
शब-ए-मेराज की रात अपने और अपने परिवार की सलामती के लिए दुआ मांगना भी खास अहमियत रखता है। अल्लाह से यह दुआ करें कि वह हमारे मां-बाप, भाई-बहन और पूरे परिवार को सेहत, अमन और खुशहाली अता करे। साथ ही घर में प्यार, आपसी समझ और बरकत बनाए रखे।
रोजी और हालात में बेहतरी की दुआ
इस रात रोजी और हालात में बेहतरी की दुआ मांगना भी जायज माना जाता है। अल्लाह से हलाल रिज्क की दुआ करें और यह भी फरियाद करें कि वह हमारी मेहनत में बरकत अता करे। जिन लोगों के सामने रोजी या नौकरी से जुड़ी परेशानियां हैं, वे अल्लाह से आसानी और बेहतर मौके की दुआ कर सकते हैं।
पूरी उम्मत और दुनिया में अमन की दुआ
शब-ए-मेराज की रात पूरी उम्मत के लिए दुआ करना भी एक नेक अमल माना जाता है। अल्लाह से यह दुआ करें कि वह दुनिया में अमन कायम करे, नफरत और हिंसा को खत्म करे और लोगों के दिलों में मोहब्बत पैदा करे। बीमारों के लिए शिफा और परेशान लोगों के लिए राहत की दुआ करना भी इस रात की खूबसूरती है।
शब-ए-मेराज की रात दुआ मांगने का सही तरीका
इस पाक रात में दुआ मांगते वक्त सबसे जरूरी बात यह है कि इंसान का दिल सच्चा हो। अल्लाह से जो भी दुआ मांगी जाए, उसे पूरे यकीन और सब्र के साथ मांगा जाए। माना जाता है कि शब-ए-मेराज की रात अल्लाह अपने बंदों की दुआओं को खास रहमत के साथ सुनता है और उन्हें बेहतर अंजाम तक पहुंचाता है।
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