Sawan Somwar Vrat Vidhi 2025 (सावन सोमवार व्रत विधि): सावन के पहले सोमवार का सनातम धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन शिवभक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। पूरी श्रद्धा के साथ शिव जी की पूजा की जाती है। यहां से आप सावन के पहले सोमवार की पूजा विधि पढ़ें और पूरे विधि-विधान से पूजा करें। इससे भोलेनाथ का आशीर्वाद आपको मिलेगा।
सावन के पहले सोमवार पूजा का शुभ मुहूर्त-
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:16 से 5:04 बजे तक रहेगा
- अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:59 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा
- अमृत काल- रात 11:21 बजे से 12:55 बजे तक, जुलाई 15 रहेगा
- पूजा का सबसे अच्छा समय - दोपहर 11:38 बजे से 12:32 बजे तक रहेगा
सावन के पहले सोमवार की पूजा विधि-
- सावन के पहले सोमवार के दिन आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर निमित्त क्रिया के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- अब आप पूजा स्थान को गंगाजल छिड़कर पवित्र कर लीजिए।
- इसके बाद ईशान कोण में एक वेदी बनाएं।
- फिर उसमें भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग विराजमान करें।
- अब आप गंगा जल और पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक करें।
- फिर शिवलिंग को बेलपत्र, फूल और सफेद चंदन के लेप से सजाएं।
- फिर आर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार भी जाप कर सकते हैं।
- वहीं, जो लोग व्रत हैं, वो सोमवार व्रत कथा भी पढ़ सकते हैं। अंत में आप भगवान से पूजा में हुई गलती के लिए क्षमायाचना करिए।
- शाम के समय भगवान शिव की पूजा के बाद व्रत खोल लें। इस समय आप चाहें तो बिना नमक का अन्न भी ग्रहण कर सकते हैं।
सावन सोमवार भोग
सावन सोमवार की पूजा में आप भगवान शिव हलवा, दही, भांग, पंचामृत, शहद, दूध, सफ़ेद बर्फ़ी, मालपुआ, ठंडाई, लस्सी, सूखा मावा आदि का भोग लगा सकते हैं।
