अध्यात्म

Sawan Somvar 2023: सावन सोमवार व्रत 2023 कब से कब तक रहेंगे? जानें इस व्रत के लाभ

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jun 12, 2023, 11:40 AM IST

Sawan Somvar 2023: इस बार सावन का महीना 4 जुलाई से शुरू हो रहा है और सावन का पहला सोमवार (Sawan Ka Pehla Somvar) 10 जुलाई को पड़ेगा। जानिए इस सावन कितने सोमवार पड़ेंगे।

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Sawan Somvar 2023 Date: सावन का पहला सोमवार कब पड़ेगा

Sawan Somvar 2023: भगवान शिव का प्रिय महीना सावन 4 जुलाई से लगने जा रहा है और इसका अंत 31 अगस्त को होगा। मुख्य रूप से इस महीने में आने वाले सोमवार (Sawan Ke Somvar 2023) का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। कई लोग सावन सोमवार के व्रत (Sawan Somvar Vrat 2023) रखते हैं और इस दिन भगवान शिव की विधि विधान पूजा करते हैं। ऐसे में सावन सोमवार की डेट (Sawan Somvar Date 2023) को लेकर लोगों ने सर्च शुरू कर दी है। अमूमन सावन के महीने में 4 या 5 सोमवार पड़ते हैं लेकिन इस बार 8 सावन सोमवार व्रत (Sawan Somwar Vrat) रखे जायेंगे। जानिए सावन सोमवार व्रत की सभी डेट।

सावन सोमवार व्रत 2023 (Sawan Somvar Vrat 2023 Start And End Date)

तारीखसावन सोमवार व्रत
10 जुलाई 2023सावन का पहला सोमवार
17 जुलाई 2023सावन का दूसरा सोमवार
24 जुलाई 2023सावन का तीसरा सोमवार
31 जुलाई 2023सावन का चौथा सोमवार
07 अगस्त 2023सावन का पांचवा सोमवार
14 अगस्‍त 2023सावन का छठवां सोमवार
21 अगस्‍त 2023सावन का सातवां सोमवार
28 अगस्‍त 2023सावन का आठवां सोमवार

सावन सोमवार व्रत क्यों रखते हैं (Sawan Somvar Vrat Kyu Rakhte Hain)

सावन सोमवार व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। कहते हैं मां पार्वती ने भी सावन महीने में व्रत किया था जिससे उन्हें भगवान शिव प्राप्त हुए थे। इसलिए सावन में उन महिलाओं को व्रत रखने की सलाह दी जाती है जिनके वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ रही हैं या जिनका विवाह नहीं हो पा रहा है। इतना ही नहीं इस व्रत को करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं भी पूर्ण हो जाती हैं।

सावन सोमवार व्रत की पूजा में इन बातों का जरूर रखें ध्यान

भगवान शिव की पूजा करते समय इस बात का ध्यान रखें कि उन्हें कभी भी केतकी के फूल न चढ़ाएं। साथ ही इनकी पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग भी नहीं किया जाता है। भगवान शिव को नारियल का पानी चढ़ाना भी गलत माना गया है। साथ ही देवों के देव महादेव को जल चढ़ाने के लिए कांस्य या पीतल के बर्तन का उपयोग करना चाहिए।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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