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Sawan Putrada Ekadashi 2023: श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत कब है 2023, जानिए डेट और शुभ मुहूर्त

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jun 26, 2023, 01:31 PM IST

Sawan Putrada Ekadashi 2023: सावन महीना (Sawan 2023) 4 जुलाई से शुरू हो रहा है और श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत (Shravan Putrada Ekadashi 2023) रखा जाता है। जानिए इस बार कब है सावन पुत्रदा एकादशी?

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Sawan Putrada Ekadashi 2023 Date And Time

Putrada Ekadashi 2023 Date And Muhurat: श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से इस व्रत को करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। श्रावण मास (Sawan Month) के शुक्ल पक्ष की एकादशी (Ekadashi 2023) तिथि को ये व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने वाले व्यक्ति को वाजपेयी यज्ञ के समान पुण्यफल की प्राप्ति होती है। कई लोग इस व्रत को संतान प्राप्ति की कामना से रखते हैं। जानिए 2023 में सावन पुत्रदा एकादशी व्रत कब रखा जाएगा?

साल में दो बार आती है पुत्रदा एकादशी

साल में आने वाली दो एकादशियों को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। जिनमें से एक एकादशी पौष महीने के शुक्ल पक्ष में आती है और दूसरी श्रावण शुक्ल पक्ष में आती है। अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी दिसम्बर या जनवरी महीने में पड़ती है वहीं श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी जुलाई या फिर अगस्त के महीने में पड़ती है।

श्रावण पुत्रदा एकादशी कब है 2023 (Shravan Putrada Ekadashi 2023 Date And Time)

श्रावण पुत्रदा एकादशी27 अगस्त 2023, रविवार
एकादशी तिथि प्रारम्भ27 अगस्त 2023 को 12:08 AM बजे
एकादशी तिथि समाप्त27 अगस्त 2023 को 09:32 PM बजे
28 अगस्त को व्रत तोड़ने का समय05:57 AM से 08:31 AM
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय06:22 PM

श्रावण पुत्रदा एकादशी की पूजा विधि (Shravan Putrada Ekadashi 2023 Puja Vidhi)

  • पुत्रदा एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान कर लें।
  • भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं।
  • पूजा में तुलसी, फल और तिल का जरूर प्रयोग करें।
  • व्रत के दिन अन्न बिल्कुल भी ग्रहण न करें लेकिन आप चाहें तो फल ग्रहण कर सकते हैं।
  • इस दिन विष्णुसहस्रनाम का पाठ जरूर करें।
  • एकादशी के दिन रात्रि भर जागरण करें।
  • फिर द्वादशी तिथि पर यानी व्रत के अगले दिन ब्राह्मणों भोजन कराएं और उन्हें दान-दक्षिणा के साथ विदा करें।
  • इसके बाद अपना व्रत खोल लें।

एकादशी व्रत का भोजन (Ekadashi Fast Food)

शास्त्रों के अनुसार व्रती एकादशी के दिन इन वस्तुओं और मसालों का प्रयोग व्रत का भोजन तैयार करने में कर सकते हैं।

  • ताजे फल
  • मेवे
  • चीनी
  • कुट्टू
  • नारियल
  • जैतून
  • दूध
  • अदरक
  • काली मिर्च
  • सेंधा नमक
  • आलू
  • साबूदाना
  • शकरकंद

श्रावण पुत्रदा एकादशी का महत्व (Shravan Putrada Ekadashi Vrat Significance)

हिन्दू धर्म में श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं यदि नि:संतान दंपति इस व्रत को विधि विधान और श्रृद्धा के साथ करें तो उन्हें संतान सुख की प्राप्ति अवश्य होती है। इतना ही नहीं इस व्रत को करने से मनुष्य अपने समस्त पापों से छुटकारा पा लेता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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