अध्यात्म

Sawan Bhaum Pradosh vrat 2025: सावन का भौम प्रदोष 2025 कब है, बन रहा है शिव संग हनुमान कृपा पाने का मंगलकारी योग

Sawan Bhaum Pradosh vrat 2025 Kab Hai: मंगलवार को आने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। सावन 2025 में एक संयोग के साथ यह मंगला गौरी व्रत के साथ आ रहा है। इस दिन भक्त एक साथ महादेव और हनुमान जी की कृपा पा सकते हैं। यहां देखें सावन का भौम प्रदोष 2025 के बारे में।

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सावन का भौम प्रदोष 2025 कब है (Pic: Canva)

Sawan Bhaum Pradosh vrat 2025 Kab Hai: मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष कहा जाता है। आस्थावान महादेव की कृपा पाने के लिए व्रत करते हैं। इस दिन सूर्य कर्क राशि में रहेंगे और चंद्रमा सुबह 08 बजकर 15 मिनट से वृषभ राशि में रहेंगे, इसके बाद मिथुन राशि में गोचर करेंगे।

पंचांग के अनुसार, इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर के 12 बजे से शुरू होकर 12:55 तक रहेगा और राहुकाल दोपहर के 03 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर 05 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस दिन द्वादशी मंगलवार की सुबह 07 बजकर 05 मिनट तक रहेगी। उसके बाद त्रयोदशी शुरू हो जाएगी।

भौम प्रदोष व्रत पूजा विधि और नियम

भौम प्रदोष व्रत उस तिथि को कहा जाता है जो मंगलवार को पड़ती है और यह भगवान शिव के साथ-साथ मंगल ग्रह की शांति के लिए भी अत्यंत फलदायक माना जाता है। इस दिन व्रत रखने से कर्ज, भूमि विवाद, शत्रु बाधा और रक्त से जुड़ी बीमारियों से राहत मिलती है। शिव पुराण के अनुसार, यदि किसी की कोई इच्छा पूरी नहीं हो रही है, तो उन्हें इस व्रत का पालन अवश्य करना चाहिए। इस व्रत के माध्यम से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और जीवन की तमाम समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है।

इसी के साथ ही त्रयोदशी तिथि को मंगलवार पड़ रहा है। इस दिन बजरंग बली के साधक व्रत भी रख हैं। स्कंद पुराण के अनुसार मंगलवार के दिन ही हनुमानजी का जन्म हुआ था। अंजनी पुत्र को प्रसन्न करने के लिए किए गए कुछ उपाय अपनाकर भक्त उनकी कृपा का पात्र बन सकते हैं। इसके लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लाल रंग का वस्त्र धारण कर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें। एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें। चौकी पर हनुमान भगवान की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं।

शाम को भी हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी की आरती करें। व्रत में केवल एक बार भोजन करें और नमक का सेवन न करें। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शक्ति और साहस में वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मान्यता है कि नियमपूर्वक बजरंगबली की पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

Input: आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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