Sawan 2026 First Day Muhurat: आज 30 जुलाई 2026, गुरुवार से उत्तर भारत में सावन का महीना शुरू हो गया है। आज श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। सावन का पहला दिन होने के कारण शिव मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ रहेगी।
अगर आप भी आज मंदिर जाने या घर पर शिवलिंग का जलाभिषेक करने की तैयारी कर रहे हैं तो दिन के शुभ और अशुभ समय को एक साथ नोट कर लें। नीचे दिए गए सभी समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
सावन के पहले दिन का पंचांग और शुभ मुहूर्त
| पंचांग विवरण | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | सुबह 5:41 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 7:14 बजे |
| प्रतिपदा तिथि समाप्त | रात 9:30 बजे |
| श्रवण नक्षत्र | शाम 5:43 बजे तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4:18 से 4:59 बजे |
| प्रातः संध्या | सुबह 4:39 से 5:41 बजे |
| अमृत काल | सुबह 6:24 से 8:09 बजे |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:00 से 12:54 बजे |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 2:43 से 3:37 बजे |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 7:14 से 7:34 बजे |
| सायाह्न संध्या | शाम 7:14 से रात 8:16 बजे |
| राहुकाल | दोपहर 2:09 से 3:50 बजे |
| प्रदोष काल | शाम 7:14 से रात 9:14 बजे |
शिवजी का जलाभिषेक किस समय करें?
सावन के पहले दिन जलाभिषेक के लिए सुबह का समय अच्छा रहेगा। पंचांग में अमृत काल सुबह 6:24 से 8:09 बजे तक है, लेकिन यमगण्ड सुबह 5:41 से 7:23 बजे तक रहेगा। दोनों समय को देखते हुए सुबह 7:23 से 8:09 बजे के बीच मंदिर जाकर जलाभिषेक करना विशेष रूप से सुविधाजनक और शुभ रहेगा।
अगर इस समय मंदिर जाना संभव न हो तो सुबह 8:09 से 9:04 बजे के बीच भी पूजा कर सकते हैं। इसके बाद गुलिक काल सुबह 9:04 से 10:46 बजे तक रहेगा।
दोपहर में पूजा करनी हो तो 11:06 बजे से 12:54 बजे के बीच का समय चुना जा सकता है। इसमें दोपहर 12 से 12:54 बजे तक अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा।
विजय मुहूर्त में पूजा करें या नहीं?
आज विजय मुहूर्त दोपहर 2:43 से 3:37 बजे तक है, लेकिन इसी दौरान राहुकाल भी रहेगा। राहुकाल दोपहर 2:09 से 3:50 बजे तक है। इसलिए सावन की विशेष पूजा शुरू करने या पहली बार जलाभिषेक का संकल्प लेने के लिए विजय मुहूर्त के बजाय सुबह या शाम का समय चुनना बेहतर रहेगा।
राहुकाल मुख्य रूप से किसी नए शुभ काम की शुरुआत के लिए देखा जाता है। पहले से चल रहा मंत्र जाप या रोज की सामान्य पूजा इस दौरान जारी रखी जा सकती है।
शाम को मंदिर जाने का शुभ समय
सुबह समय न मिले तो सूर्यास्त के बाद शिव मंदिर जा सकते हैं। आज सूर्यास्त शाम 7:14 बजे होगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 7:14 से 7:34 बजे और सायाह्न संध्या शाम 7:14 से रात 8:16 बजे तक रहेगी।
दैनिक शिव पूजा के संदर्भ में प्रदोष काल शाम 7:14 से रात 9:14 बजे तक माना जा सकता है। इस दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, बेलपत्र अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। मंदिर में होने वाली शाम की शिव आरती में भी शामिल हो सकते हैं।
जलाभिषेक करते समय क्या चढ़ाएं?
शिवलिंग पर सबसे पहले स्वच्छ जल अर्पित करें। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल, चंदन और अक्षत चढ़ा सकते हैं। दूध से अभिषेक करना हो तो बहुत थोड़ी मात्रा लें और उसके बाद दोबारा साफ जल चढ़ाएं।
सावन के पहले दिन सुबह और शाम दोनों समय मंदिर जाना जरूरी नहीं है। अपनी सुविधा से कोई एक समय चुनें। जल, बेलपत्र और सच्चे मन से बोला गया ‘ॐ नमः शिवाय’ भी शिव पूजा के लिए पर्याप्त है। सभी मुहूर्त नई दिल्ली के अनुसार दृक पंचांग पर आधारित हैं।
