Sawan Bhajan Lyrics in Hindi: सावन का महीना शुरू होते ही मंदिरों, घरों और मोहल्लों में शिव कीर्तन की धूम दिखाई देने लगती है। ढोलक की थाप, मंजीरे की झंकार और हर हर महादेव के जयकारों के बीच जब भोलेनाथ के भजन गाए जाते हैं, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। सावन सोमवार की पूजा हो, महिलाओं का घरेलू कीर्तन हो, रुद्राभिषेक हो या कांवड़ियों का पड़ाव- यहां दिए गए सावन के शिव शभक्ति के भजन खूब पसंद किए जाते हैं। ये भजन सरल शब्दों और आसान लय वाले हैं।
सावन के टॉप भजन लिरिक्स
यहां सावन के लिए 10 मौलिक शिव भजन दिए जा रहे हैं। हर भजन में एक मुखड़ा और तीन अंतरे हैं। इन्हें ढोलक, मंजीरे और हारमोनियम की आसान धुन पर गाया जा सकता है।
1. बरसे बदरिया, आए भोलेनाथ - भजन लिरिक्स हिंदी में
बरसे बदरिया, आए भोलेनाथ,
सावन लेकर आया शिव की सौगात।
हर हर बोलो, बम बम बोलो,
भोले रखेंगे भक्तों की लाज।
बेलपत्र की माला लेकर,
गंगाजल का कलश सजाकर,
मन के सारे मैल मिटाएं,
शिव चरणों में शीश झुकाएं।
बरसे बदरिया, आए भोलेनाथ,
सावन लेकर आया शिव की सौगात।
काली घटाएं झूमकर आईं,
मोर पपीहे ने धुन है गाई,
मंदिर में अब दीप जलाकर,
भोले की महिमा गाएं सारी।
बरसे बदरिया, आए भोलेनाथ,
सावन लेकर आया शिव की सौगात।
जिसने सच्चे मन से ध्याया,
उसने भोले को है पाया,
दुख की रात हुई फिर छोटी,
सुख का नया सवेरा आया।
बरसे बदरिया, आए भोलेनाथ,
सावन लेकर आया शिव की सौगात।
2. मेरे घर आओ भोले भंडारी - भजन लिरिक्स हिंदी में
मेरे घर आओ भोले भंडारी,
राह तुम्हारी देखे दुनिया सारी।
मैंने गंगाजल मंगवाया,
बेलपत्र का हार सजाया।

सावन के भजन
ना सोने का दीप जलाऊं,
ना चांदी की थाल सजाऊं,
श्रद्धा के दो फूल चढ़ाकर,
दिल की अपनी बात सुनाऊं।
मेरे घर आओ भोले भंडारी,
राह तुम्हारी देखे दुनिया सारी।
द्वार तुम्हारे जब भी आई,
मन ने नई उम्मीद है पाई,
खाली झोली लेकर आई,
भरकर तुमने घर पहुंचाई।
मेरे घर आओ भोले भंडारी,
राह तुम्हारी देखे दुनिया सारी।
सुख में तुमको भूल न जाऊं,
दुख में केवल तुम्हें न ध्याऊं,
हर पल नाम तुम्हारा लेकर,
जीवन अपना सफल बनाऊं।
मेरे घर आओ भोले भंडारी,
तुमसे रोशन दुनिया हमारी।
3. शिव नाम की माला जप ले - भजन लिरिक्स हिंदी में
शिव नाम की माला जप ले,
मन के भीतर दीपक रख ले।
राह कठिन हो, रात घनी हो,
महादेव का नाम तू जप ले।
दुनिया जब तुझसे मुंह मोड़े,
आशा का हर धागा तोड़े,
नीलकंठ को याद तू करना,
भोले कभी न साथ हैं छोड़ें।
शिव नाम की माला जप ले,
‘ॐ नमः शिवाय’ तू कह ले।

सावन के मीठे भजन
क्रोध को मन से दूर भगाना,
झूठ-कपट को पास न लाना,
शिव की पूजा तभी है पूरी,
जब सीखो सबको अपनाना।
शिव नाम की माला जप ले,
मन के भीतर दीपक रख ले।
सांस-सांस में शिव को बसाकर,
कर्म करो तुम शीश झुकाकर,
फल की चिंता उन्हें सौंप दो,
चलते जाओ कदम बढ़ाकर।
शिव नाम की माला जप ले,
ॐ नमः शिवाय तू कह ले।
4. कांवड़ लेकर चले शिव के द्वार - भजन लिरिक्स हिंदी में
कांवड़ लेकर चले शिव के द्वार,
मुख पर बम-बम, मन में प्यार।
पांव में छाले, राह कठिन है,
साथ हमारे भोलेनाथ।
गंगा मैया का जल भर लाए,
शिवलिंग पर श्रद्धा से चढ़ाएं,
तन थक जाए, मन ना हारे,
बोल बम के जयकारे लगाएं।
कांवड़ लेकर चले शिव के द्वार,
भोले करेंगे बेड़ा पार।
धूप कभी है, वर्षा भारी,
फिर भी चलते नर और नारी,
कंधे पर है कांवड़ प्यारी,
हृदय में बसते त्रिपुरारी।
कांवड़ लेकर चले शिव के द्वार,
मुख पर बम-बम, मन में प्यार।
कोई छोटा, कोई बड़ा नहीं,
शिव के दर पर भेद जरा नहीं,
एक रंग में रंगे हैं सारे,
भोले से बढ़कर देव कोई नहीं।
कांवड़ लेकर चले शिव के द्वार,
भोले करेंगे बेड़ा पार।
5. भोले की बारात चली - भजन लिरिक्स हिंदी में
भोले की बारात चली,
देखो कैसी धूम मची।
डमरू बाजे डम-डम-डम,
भक्त पुकारें बम-बम-बम।
माथे चंदा, जटा में गंगा,
गले में नाग है उनका गहना,
तन पर भस्म रमाए भोले,
रूप अनोखा क्या है कहना।
भोले की बारात चली,
देखो कैसी धूम मची।
नंदी आगे-आगे चलते,
गण संग में जयकारे करते,
देव, मनुज और भूतों के दल,
भोले की मस्ती में नाचते।
डमरू बाजे डम-डम-डम,
भक्त पुकारें बम-बम-बम।
गौरा बैठी राह निहारें,
सखियां मंगल गीत पुकारें,
शिव-शक्ति के शुभ मिलन पर,
तीनों लोक खुशियां मनाएं।
भोले की बारात चली,
तीनों लोकों में धूम मची।
6. गौरा के संग झूला झूलें भोले - भजन लिरिक्स हिंदी में
गौरा के संग झूला झूलें भोले,
सावन में मन के द्वार हैं खोले।
बूंदें बरसें, पुरवाई डोले,
भक्त खुशी से ‘हर-हर’ बोलें।

शिव-पार्वती के भजन
गौरा ने मेहंदी हाथ रचाई,
सखियों ने मंगल धुन है गाई,
भोले लेकर प्रेम की माला,
कैलाश से धरती पर आए।
गौरा के संग झूला झूलें भोले,
भक्त खुशी से ‘हर-हर’ बोलें।
हरी चुनरिया धरती ओढ़े,
बादल पर्वत से मुख मोड़े,
रिमझिम वर्षा की बूंदों में,
शिव और शक्ति नाता जोड़ें।
बूंदें बरसें, पुरवाई डोले,
सावन में मन के द्वार हैं खोले।
गौरा जैसी शक्ति पाएं,
शिव जैसा विश्वास जगाएं,
प्रेम और सम्मान से मिलकर,
घर को सुंदर धाम बनाएं।
गौरा के संग झूला झूलें भोले,
भक्त खुशी से हर-हर बोलें।
7. एक लोटा जल चढ़ा दे - भजन लिरिक्स हिंदी में
एक लोटा जल चढ़ा दे,
भोले को अपना बना ले।
महंगे फूलों की नहीं जरूरत,
सच्चा मन चरणों में ला दे।
ना कोई ऊंचा, ना कोई छोटा,
शिव दरबार में एक है हर कोई,
जो भी आया प्रेम से इनके,
खाली झोली लौटा ना कोई।
एक लोटा जल चढ़ा दे,
मन की चिंता शिव को बता दे।
बेलपत्र के तीन दलों में,
ब्रह्मा, विष्णु, शिव को ध्याना,
जल की शीतल धार चढ़ाकर,
अपने मन का क्रोध मिटाना।
महंगे फूलों की नहीं जरूरत,
सच्चा मन चरणों में ला दे।
जल चढ़ाकर इतना कहना,
सदा सत्य की राह पर रखना,
दूसरों के दुख को समझूं,
ऐसा निर्मल मन मुझे देना।
एक लोटा जल चढ़ा दे,
भोले को अपना बना ले।
8. डमरू वाले बाबा सुन लो पुकार- भजन लिरिक्स हिंदी में
डमरू वाले बाबा सुन लो पुकार,
नैया लगा दो मेरी उस पार।
मन है उलझा, राह ना सूझे,
तुम ही बन जाओ खेवनहार।
विष को पीकर अमृत बांटा,
हर दुख को तुमने अपनाया,
जो भी आया शरण तुम्हारी,
उसने मन का चैन है पाया।

भोलेनाथ के भजन
डमरू वाले बाबा सुन लो पुकार,
नैया लगा दो मेरी उस पार।
जीवन की जब धूप सताए,
कोई अपना पास न आए,
तुम बरगद की छाया बनकर,
थके मुसाफिर को अपनाए।
मन है उलझा, राह ना सूझे,
तुम ही बन जाओ खेवनहार।
सुख मांगूं ना धन मैं मांगूं,
जीने का साहस बस मांगूं,
सही राह पर कदम बढ़ाऊं,
इतना सा आशीष मैं मांगूं।
डमरू वाले बाबा सुन लो पुकार,
नैया लगा दो मेरी उस पार।
9. सावन का सोमवार आया- भजन लिरिक्स हिंदी में
सावन का सोमवार आया,
शिव पूजन का दिन है आया।
घर-आंगन में दीप जलाओ,
भोले बाबा को आज मनाओ।
सुबह उठकर मन को जगाएं,
शिव मंदिर में शीश झुकाएं,
जल, अक्षत और फूल चढ़ाकर,
पंचाक्षर का मंत्र दोहराएं।
सावन का सोमवार आया,
शिव पूजन का दिन है आया।
व्रत केवल भोजन छोड़ना नहीं,
मन में बुरी भावना रखना नहीं,
क्रोध, अहंकार और छल छोड़ें,
किसी दुखी का दिल तोड़ना नहीं।
घर-आंगन में दीप जलाओ,
भोले बाबा को आज मनाओ।
शिव से संयम लेना सीखें,
गौरा से विश्वास को सीखें,
सावन की पावन बूंदों में,
जीवन का नया उल्लास देखें।
सावन का सोमवार आया,
संग शुभ संदेश है लाया।
10. मेरी चिंता हर लो महादेव - भजन लिरिक्स हिंदी में
मेरी चिंता हर लो महादेव,
मन में अपना घर कर लो महादेव।
कुछ ना मांगूं जग की दौलत,
बस सिर पर हाथ धर दो महादेव।
टूटे मन को धीरज देना,
रूठे रिश्तों को प्रेम से भरना,
जब मैं अपने पथ से भटकूं,
हाथ पकड़कर राह दिखाना।
मेरी चिंता हर लो महादेव,
मन में अपना घर कर लो महादेव।
घर के संकट दूर भगाना,
अपनों का तुम साथ निभाना,
रोग, निराशा जब घेरें तो,
आशा का फिर दीप जलाना।
कुछ ना मांगूं जग की दौलत,
बस सिर पर हाथ धर दो महादेव।
इतनी शक्ति मुझको देना,
दुख में भी विश्वास न खोना,
अपने सुख से पहले भोले,
दूसरों के आंसू भी देखना।
मेरी चिंता हर लो महादेव,
जीवन सुंदर कर दो महादेव।
कीर्तन में कैसे गाएं ये शिव भजन
इन भजनों को गाने के लिए पहले मुख्य गायक या गायिका मुखड़ा गाए। इसके बाद पूरी मंडली उसी मुखड़े को दोहराए। हर अंतरे के बाद दोबारा मुखड़ा गाने से लय बनी रहती है और नए लोग भी आसानी से कीर्तन में शामिल हो जाते हैं। दो भजनों के बीच ‘हर हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ का सामूहिक जयकारा लगाया जा सकता है।
