Shivling Par Belpatra Kaise Chadhaen (बेलपत्र कैसे चढ़ाएं): बेलपत्र भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय हैं। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही, बेलपत्र चढ़ाने से धन, समृद्धि, और सुख-शांति भी मिलती है। लेकिन इसे चढ़ाने के कुछ खास नियम होते हैं। इन्हें उल्टा चढ़ाते हैं या सीधा, ये आप यहां से जान सकते हैं। साथ ही ये भी की शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने चाहिए।
बेलपत्र तोड़ते समय पढ़ें ये मंत्र-
"अमृतोद्भव श्रीवृक्ष महादेवप्रियः सदा।
गृह्यामि तव पत्राणि शिवपूजार्थमादरात् ॥"
शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने चाहिए?
शिव पुराण के अनुसार, 3, 5, 11, 21, 51 या 101 बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाना शुभ होता है। साथ ही हमेशा 3 पत्तियों वाला बेलपत्र ही चढ़ाना चाहिए, 2 या 4 पत्तियों वाले बेलपत्र अशुभ होते हैं।
शिवलिंग पर कैसे चढ़ाएं बेलपत्र?
धार्मिक मान्यता है कि बेलपत्र की चिकनी सतह (ऊपरी भाग) पर देवी लक्ष्मी का वास होता है, और जब इसे शिवलिंग पर उल्टा चढ़ाया जाता है, तो भगवान शिव और देवी लक्ष्मी दोनों की कृपा बरसती है। इसलिए, बेलपत्र को उल्टा चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा के साथ लक्ष्मी जी का भी आशीर्वाद बना रहता है। ये भी कहा जाता है कि बेलपत्र में कई औषधीय गुण होते हैं और इसकी चिकनी सतह शिवलिंग को ठंडक प्रदान करती है, जिससे शिवलिंग की ऊर्जा संतुलित रहती है।
बेलपत्र चढ़ाते हुए कौन सा मंत्र पढ़ें?
ॐ नमः शिवाय
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुधम्। त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्॥
ध्यान दें-
मंगलवार और रविवार को बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। बेलपत्र कहीं से भी कटाफटा नहीं होना चाहिए। एक ही बेलपत्र को तीन बार प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन किसी और देवता को अर्पित किया हुआ बेलपत्र शिवजी को नहीं चढ़ाना चाहिए।
