Mangla Gauri Aarti in Hindi (मंगला गौरी आरती): देवी गौरी शिव की पत्नी हैं। उन्हें शक्तिवाद में शिव के पीछे की ऊर्जा के रूप में माना जाता है। उन्हें पवित्रता, उर्वरता और सदाचार का प्रतीक माना जाता है। गौरी गणेश और कार्तिकेय की माता भी हैं। माता गौरी की पूजा व्यापक रूप से महिलाओं द्वारा सुखी विवाह के लिए की जाती है और उन महिलाओं द्वारा भी की जाती है जो एक उपयुक्त पति की चाहत रखती हैं। मंगला गौरी (Mangla Gauri) व्रत और कथा देवी मंगला (मां पार्वती) को समर्पित है। मंगलावर को मंगला गौरी व्रत (Mangla Gauri Vrat) रखा जाता है। ऐसे में आज मंगलवार के दिन हम आपके साथ मंगला गौरी आरती (Mangla Gauri Aarti) शेयर कर रहे हैं, जिसे आपको जरूर पढ़नी चाहिए।
मंगला गौरी आरती (Mangla Gauri Aarti in Hindi)
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता
ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल दाता। जय मंगला गौरी...।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता,
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता। जय मंगला गौरी...।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है,
साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था। जय मंगला गौरी...।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता,
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता। जय मंगला गौरी...।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता,
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता। जय मंगला गौरी...।
सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराताए
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मद माता। जय मंगला गौरी...।
देवन अरज करत हम चित को लाता,
गावत दे दे ताली मन में रंगराता। जय मंगला गौरी...।
मंगला गौरी माता की आरती जो कोई गाता
सदा सुख संपति पाता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
