Sarva Pitru Amavasya 2024 Date (सर्वपितृ अमावस्या कब है 2024): सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि इस तिथि पर उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि का पता नहीं हो या किसी कारण उनका श्राद्ध छूट गया हो। कहते हैं इस दिन श्राद्ध करने से सभी पितरों की आत्मा को शांति मिल जाती है। सर्वपितृ अमावस्या के श्राद्ध को महालय विसर्जन के नाम से भी जाना जाता है। ये श्राद्ध आश्विन अमावस्या के दिन पड़ता है। चलिए जानते हैं इस साल सर्वपितृ अमावस्या कब है और इस दिन क्या करना चाहिए।
सर्वपितृ अमावस्या कब है 2024 (Sarva Pitru Amavasya 2024 Date)
| सर्वपितृ अमावस्या | 2 अक्टूबर 2024, बुधवार |
| कुतुप मूहूर्त | 11:32 AM से 12:19 PM |
| रौहिण मूहूर्त | 12:19 PM से 01:07 PM |
| अपराह्न काल | 01:07 PM से 03:29 PM |
| अमावस्या तिथि प्रारम्भ | 1 अक्टूबर 2024, 09:39 PM |
| अमावस्या तिथि समाप्त | 03 अक्टूबर 2024 को 12:18 AM |
सर्वपितृ अमावस्या का महत्व (Sarva Pitru Amavasya Mahatva In Hindi)
अमावस्या तिथि का श्राद्ध परिवार के उन मृत सदस्यों के लिये किया जाता है जिनकी मृत्यु अमावस्या तिथि, पूर्णिमा तिथि या फिर चतुर्दशी तिथि पर हुई हो। इसके अलावा जिन लोगों की मृत्यु तिथि याद न हो या उनका श्राद्ध किसी कारण छूट गया हो। कहते हैं सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करने से सभी पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त हो जाती है।
सर्वपितृ अमावस्या की विधि (Sarva Pitru Amavasya Vidhi)
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर खुद को शुद्ध कर लें। इसके बाद सूर्यदेव को जल दें। फिर घर में बिना लहसुन-प्याज के भोजन बनाएं।जिसमें पूरी, खीर, सब्जी, चावल आदि चीजें जरूर शामिल करें। फिर अपने पितरों को याद करें और उनसें भोजन स्वीकार करने की प्रार्थना करें।
इसके बाद ब्राह्मण को भोजन कराएं। साथ ही उन्हें दान, दक्षिणा भी दें। इस दिन गायें, कुत्तों व कौए को भोजन जरूर खिलाना चाहिए।
