अध्यात्म

Saraswati Avahan Mantra: सरस्वती आवाहन मंत्र, इन मंत्रों के जाप से मिलेगा ज्ञान की देवी का आशीर्वाद

Saraswati Avahan Mantra: सरस्वती पूजा का पहला दिन सरस्वती आवाहन के नाम से जाना जाता है। इस दिन मां सरस्वती के मंत्र पढ़े जाते हैं और माता की पूजा की जाती है। यहां से आप सरस्वती आवाहन के मंत्र देख सकते हैं।

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सरस्वती आवाहन मंत्र (pic credit: canva)

Saraswati Avahan Mantra: आज 29 सितंबर को सरस्वती पूजा का पहला दिन है। देवी सरस्वती की पूजा के पहले दिन को सरस्वती आवाहन के नाम से जाना जाता है। आज सुबह 10:30 से लेकर शाम को 05:06 बजे तक शुभ मुहूर्त में मां सरस्वती के भक्त उन्हें श्रद्धा के साथ आमंत्रित करेंगे। इस दौरान सरस्वती आवाहन मंत्र का जाप भी किया जाता है। सरस्वती आह्वान मंत्र के जप से विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता और कठिन विषयों को समझने की शक्ति मिलती है और भूलने की प्रवृत्ति कम होती है और ज्ञान स्थायी बनता है। सरस्वती मंत्र का आज 108 बार जाप जरूर करना चाहिए। यहां से आप ये मंत्र देख सकते हैं। साथ ही यहां सरस्वती माता की आरती भी मौजूद है।

सरस्वती स्तुति मंत्र (Saraswati Stuti Mantra)

श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा।

ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।

माता सरस्वती का बीजाक्षर है ‘ऐं (ऐकार)’ और ‘ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः’ यही विद्या, बुद्धि, वाणी और स्मृति की शक्ति का मूल है।

सरस्वती आवाहन मंत्र (Saraswati Avahan Mantra)

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।

या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं

वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्।

हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्

वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥२॥

माता सरस्वती श्लोक (Saraswati Shloka)

ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।

कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।

वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।।

रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।

सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।।

वन्दे भक्तया वन्दिता च मुनीन्द्रमनुमानवै:।

सरस्वती माता की आरती (Saraswati Mata Ki Aarti)

ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।

सद्‍गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता...

ॐ जय सरस्वती माता...

चंद्रवदनि पद्मासिनी, ध्रुति मंगलकारी।

सोहें शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी।।

ॐ जय सरस्वती माता...

बाएं कर में वीणा, दाएं कर में माला।

शीश मुकुट मणी सोहें, गल मोतियन माला।।

ॐ जय सरस्वती माता...

देवी शरण जो आएं, उनका उद्धार किया।

पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया।।

ॐ जय सरस्वती माता...

विद्या ज्ञान प्रदायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो।

मोह, अज्ञान, तिमिर का जग से नाश करो।।

ॐ जय सरस्वती माता...

धूप, दीप, फल, मेवा मां स्वीकार करो।

ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो।।

ॐ जय सरस्वती माता...

मां सरस्वती की आरती जो कोई जन गावें।

हितकारी, सुखकारी, ज्ञान भक्ती पावें।।

ॐ जय सरस्वती माता...

जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।

सद्‍गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता।।

ॐ जय सरस्वती माता...

ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।

सद्‍गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता।।

ॐ जय सरस्वती माता...

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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