अध्यात्म

15 दिसंबर को हैं साल की आखिरी एकादशी, आधी रात में करें ये 4 उपाय तो सफलता चूमेगी आपके कदम

Saphala Ekadashi Ke Upay (सफला एकादशी के उपाय): 15 दिसंबर 2025 को साल की आखिरी एकादशी है। इस दिन कुछ खास उपाय कर लेने से विष्णु भगवान की कृपा बरसती है और नौकरी में तरक्की मिलती है। यहां से आप इन उपायों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं।

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सफला एकादशी के उपाय (AI Generated)

Saphala Ekadashi Ke Upay (सफला एकादशी के उपाय): दिसंबर की आखिरी एकादशी सफला एकादशी है। पौष मास के कृष्ण पक्ष के दिन सफला एकादशी का त्योहार मनाया जाता है। इस साल ये खास दिन 15 दिसंबर को है। कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सफलता, समृद्धि, मनोकामना-पूर्ति और पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही इस दिन कुछ खास उपाय भी कर लेने चाहिए। यहां हम आपको सफला एकादशी के 4 खास उपाय के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

तुलसी और नारायण की पूजा

सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और तुलसी माता की एक साथ पूजा करें। साथ ही तुलसी के पौधे में दीपक जलाएं। एकादशी की रात भगवान विष्णु के सामने दीपक रखकर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 108 बार जप करें। ॐ नारायणाय नमः के अलावा विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी इस दिन लाभकारी माना जाता है।

पीले वस्त्र और पीली मिठाई

पीला रंग भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। ऐसे में पूजा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को पीले वस्त्र पहनाएं और पीली मिठाई का भोग लगाएं। ऐसा करने से कार्यक्षेत्र में लाभ और उन्नति के द्वार खुलेंगे।

श्रीसूक्त या नारायण कवच का पाठ

घर में श्रीसूक्त, नारायण कवच या विष्णु भगवान के किसी भी स्तोत्र का पाठ करें। इच्छा हो तो इस दिन दीपदान भी कर सकते हैं। घर में लक्ष्मी-प्रवेश और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

पंचामृत स्नान

सफला एकादशी के दिन विष्णु भगवान की प्रतिमा या शालिग्राम को पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी और शक्कर) से स्नान कराएं। ऐसा करने से समृद्धि और घर में बरकत बढ़ती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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