अध्यात्म

Santan Gopal Mantra: संतान सुख की प्राप्ति के लिए पुत्रदा एकादशी पर संतान गोपाल मंत्र का जरूर करें जाप

Santan Gopal Mantra For Putrada Ekadashi 2025 (संतान गोपाल मंत्र का अर्थ pdf): अगर आपको संतान प्राप्ति की चाह है या फिर आप मां बनने वाली हैं तो पुत्रदा एकादशी के दिन संतान गोपाल मंत्र का जाप जरूर करें। यहां देखें इस मंत्र के जाप के फायदे और विधि।

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Santan Gopal Mantra

Santan Gopal Mantra For Putrada Ekadashi 2025 (संतान गोपाल मंत्र का अर्थ pdf): सनातन धर्म में मंत्र जाप का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो कोई भी सच्चे मन से ईश्वर के मंत्रों का जाप करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं शीघ्र ही पूर्ण हो जाती है। आज यानी 10 जनवरी 2025 को पुत्रदा एकादशी है। ये एकादशी व्रत संतान की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना से रखा जाता है। इसके अलावा निःसंतान दंपत्तियों के लिए भी ये एकादशी व्रत विशेष रूप से फलदायी साबित होता है। लेकिन अगर आप इस दिन सच्चे मन से संतान गोपाल मंत्र और स्तोत्र का पाठ करते हैं तो इससे आपकी संतान को कभी कोई दिक्कत नहीं आएगी। चलिए आपको बताते हैं संतान गोपाल मंत्र का अर्थ और फायदे।

संतान गोपाल मंत्र (Santan Gopal Mantra)

ऊं क्लीं देवकी सूत गोविंदो वासुदेव जगतपते देहि मे, तनयं कृष्ण त्वामहम् शरणंगता: क्लीं ऊं।।

संतान गोपाल मंत्र का अर्थ (Santan Gopal Mantra Meaning In Hindi)

इसका मंत्र का अर्थ है- देव की पुत्र! गोविन्द! वासुदेव! जगन्नाथः श्री कृष्ण! मुझे पुत्र दीजिये। मैं आपकी शरण में आया हूं||11॥

संतान गोपाल मंत्र के फायदे (Santan Gopal Mantra Ke Fayde)

इस मंत्र का जाप करने से संतान संबंधी कई लाभ प्राप्त होते हैं। जो लोग संतान सुख की प्राप्ति करना चाहते हैं उन्हें इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। इस मंत्र का जाप करने से सुंदर और बुद्धिमान संतान की प्राप्ति होती है।

संतान गोपाल मंत्र का जाप कैसे करें (Santan Gopal Mantra Ka Jaap Kaise Kare)

संतान गोपाल मंत्र का जाप करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। इसके बाद मंदिर में श्री कृष्ण भगवान की प्रतिमा के आगे घी का दीपक जलाएं। अगर इस मंत्र का पूर्ण लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो कम से कम 1,25,000 बार इसका जाप करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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