अध्यात्म

Sankashti Chaturthi Aarti: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा...संकष्टी चतुर्थी पर जरूर करें गणेश जी की आरती

Sankashti Chaturthi Aarti (गजानन संकष्टी आरती): आज यानी 14 जुलाई को गजानन संकष्टी चतुर्थी है। आज गणपति भगवान और चंद्रदेव की पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा के बाद कथा और फिर आरती भी की जाती है। यहां से आप श्री गणेश भगवान की आरती के पूरे लिरिक्स देख सकते हैं।

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संकष्टी चतुर्थी की आरती (Photo Source: Canva)

Sankashti Chaturthi Aarti (गजानन संकष्टी आरती): पंचांग के अनुसार, गजानन संकष्टी चतुर्थी का पर्व आज यानी 14 जुलाई को मनाया जा रहा है। सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश जी की आरती करने से जीवन की सारी तकलीफ खत्म हो जाती है और खुशियों की एंट्री हो जाती है। यहां से आप गणेश भगवान की आरती देख सकते हैं।

गणेश जी की आरती लिरिक्स (Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi)-

॥श्री गणेश जी की आरती॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।

लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।

कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

Srishti
सृष्टि author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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