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Sakat Chauth 2026 Puja Time Today: आज सकट चौथ की पूजा कितने बजे होगी? यहां से नोट कर लें तिल चौथ पूजा की टाइमिंग

Sakat Chauth 2026 Puja Time, (सकट चौथ आज की पूजा का समय) Sakat Mata Ki Aarti Puja Ki Vidhi: सकट चौथ व्रत के दिन भगवान गणेश की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो सही समय पर पूजा करें। यहां से आप आज की चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त जान सकते हैं।

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सकट चौथ पूजा मुहूर्त 2026 (pc: canva)

Sakat Chauth 2026 Puja Time (सकट चौथ आज की पूजा का समय): सकट चौथ, जिसे तिलकुटा चौथ और माघी चौथ भी कहा जाता है, माताओं के असीम प्रेम, समर्पण और संतान की दीर्घायु के लिए की जाने वाली कठिन निर्जला पूजा का पवित्र पर्व है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान श्री गणेश और चंद्र देव को समर्पित होता है। बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य भारत में इस पर्व की महिमा सबसे अधिक देखने को मिलती है, जहां तिल और गुड़ से बने प्रसाद का विशेष महत्व है। यहां से आप आज के सकट चौथ के पूजा का शुभ मुहूर्त जान सकते हैं। साथ ही यहां चंद्रोदय का समय भी बताया गया है।

सकट चौथ व्रत का समय 2026 (Sakat Chauth Vrat Time 2026)

द्रिक पंचांग के अनुसार, सकट चौथ की तिथि 6 जनवरी यानी आज सुबह 8 बजकर 10 मिनट से शुरू होकर कल, 7 जनवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही खोला जाता है। चूंकि, 7 जनवरी की शाम को चतुर्थी समाप्त हो चुकी होगी और पंचमी तिथि चल रही होगी, इसलिए उस दिन व्रत करना उचित नहीं होगा। इसी कारण 6 जनवरी 2026 को ही सकट चौथ का व्रत रखा जाएगा, उसी दिन शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा।

सकट चौथ पूजा मुहूर्त 2026 (Sakat Chauth 2025 Puja Muhurat)

सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त देखा जाए तो लाभ चौघड़िया सुबह 11 बजकर 8 मिनट से लेकर दोपहर के 12 बजकर 27 मिनट तक है और अमृत चौघड़िया दोपहर के 12 बजकर 27 मिनट से लेकर 1 बजकर 45 मिनट तक है। वहीं, शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त देखें तोसकट चौथ व्रत के दिन सुबह के बाद शाम को प्रदोष काल के समय भगवान गणेश की पूजा करने का विधान होता है। इस दिन प्रदोष काल अवधि शाम को 4 बजकर 39 मिनट से लेकर 6 बजकर 39 मिनट तक रहेगी। इस दौरान पूजा करना सबसे उत्तम रहेगा।

सकट चौथ 2026 चंद्रोदय समय (Sakat Chauth 2026 Moonrise Time)

सकट चौथ के दिन यानी आज चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 54 मिनट है। अर्घ्य देते समय 'ॐ सोमाय नमः' या 'ॐ चंद्रमसे नमः' मंत्र का जाप करें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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