अध्यात्म

सिर्फ पूजा से नहीं चलेगा काम, राम नवमी के दिन हवन भी है जरूरी, जानें जरूरी चीजें

Ram Navami Hawan Samagri list: चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी मनाई जाती है। इस पावन अवसर पर भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है। ऐसे में इस दिन हवन करना भी बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान भक्त व्रत और हवन जैसे अनुष्ठान करते हैं। सही विधि और श्रद्धा के साथ हवन करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि आती है।

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राम नवमी हवन सामग्री (pc: Canva)

Ram Navami Hawan Samagri: वैदिक पंचांग के अनुसार राम नवमी का पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिस घर में मर्यादा से भगवान श्रीराम की विधि-विधान से पूजा होती है, वहां परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बना रहता है, सुख-शांति का वास होता है और समृद्धि बनी रहती है। ऐसे में यदि आप इस दिन पूजा के साथ हवन भी करने की सोच रहे हैं, तो पहले से जरूरी सामग्री की पूरी तैयारी करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं राम नवमी के हवन के लिए जरूरी सामग्री की लिस्ट।

राम नवमी के लिए हवन सामग्री लिस्ट-

  • हवन कुंड (बाजार में उपलब्ध या 8 ईंटों से बना हुआ)
  • आम की लकड़ी
  • कपूर
  • रोली
  • चंदन
  • सुपारी
  • जनेऊ
  • लौंग
  • अक्षत
  • बैठने कि लिए आसान
  • फूल और माला
  • हवन की पुस्तिका
  • माचिस
  • लोभान
  • गुग्गल
  • अश्वगंधा
  • ब्राह्मी
  • मुलैठी
  • शक्कर
  • मिठाई
  • गूलर की छाल
  • गोबर की उप्पलें
  • कमलगट्टा
  • शंख
  • घंटी
  • बेल पत्र (कुछ परंपराओं में)
  • तांबे का लोटा
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
  • घी (शुद्ध देसी)
  • हवन सामग्री
  • इलायची
  • गुड़
  • शहद
  • तिल (काले/सफेद)
  • जौ
  • नवग्रह लकड़ी (यदि उपलब्ध हो)
  • गंगाजल
  • आम के पत्ते
  • पान के पत्ते
  • नारियल
  • सूखा नारियल (गोला)
  • फल
  • दीपक
  • धूप
  • कलश
  • लाल या पीला कपड़ा
  • रुई की बाती
  • रक्षा सूत्र
  • पलाश

राम नवमी के हवन की सरल विधि-

नवरात्रि के हवन वाले दिन प्रातःकाल स्नान आदि करके पूजा और हवन का संकल्प लिया जाता है। इसके बाद शुभ मुहूर्त में भगवान राम जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है और पूजा के अंत में हवन किया जाता है, जिसके लिए पहले से हवन सामग्री अपने पास रखनी चाहिए। हवन के लिए एक वेदी बनाकर उस पर हवन कुंड स्थापित किया जाता है और उसमें सूखी लकड़ियां, गोबर के उपले, कपूर, लोबान आदि रखे जाते हैं। इसके बाद पूरी हवन सामग्री को एक बड़े बर्तन में मिलाकर उसमें थोड़ा घी डाल दिया जाता है ताकि वह अच्छी तरह से जले। फिर आसन पर बैठकर हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित की जाती है और बारी-बारी से हवन सामग्री की आहुति दी जाती है। ॐ नमो भगवते रामचंद्राय' का मंत्र 108 बार जप करते हुए हवन करना शुभ माना जाता है। फिर सभी देवी-देवताओं और नवग्रहों को आहुति देने के बाद अंत में नारियल पर लाल कपड़ा या रक्षासूत्र लपेटकर उसे हवन कुंड के बीच में स्थापित किया जाता है और उस पर पूड़ी, खीर, पान के पत्ते, सुपारी, लौंग आदि अर्पित किए जाते हैं, जिन्हें पूरी तरह अग्नि में समर्पित किया जाता है। अंत में घी के दीपक या कपूर से भगवान राम की आरती की जाती है जिससे नकारात्मकता दूर होती है और पूरे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।

Srishti
सृष्टि author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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