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Ram Navami 2027 Date: राम नवमी कब है 2027 में, अगले साल ये रहेगी श्री राम नवमी की तारीख, नोट करें Sri Rama Navami Date

Ram Navami 2027 Date (राम नवमी कब है 2027) Next Year Ram Navami kab, kitni tarikh ko hai: आज देश भर में श्री राम नवमी मनाई जा रही है। ऐसे में यहां से नोट करें कि, अगले साल यानि 2027 में राम नवमी कब मनाई जाएगी। देखें राम नवमी कब है 2027 में, राम नवमी की तारीख, राम नवमी की डेट।

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2027 में राम नवमी कब है, राम नवमी की डेट 2027

Ram Navami 2027 Date (राम नवमी कब है 2027) Next Year Ram Navami kab, kitni tarikh ko hai: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन पर श्री राम नवमी मनाई जाती है। इस वर्ष अयोध्या सहित पूरे देश में राम नवमी आज यानि की 27 मार्च को मनाई जा रही है। ऐसे में अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगले साल यानी 2027 में राम नवमी कब मनाई जाएगी और इसकी सही तारीख क्या होगी। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि, 2027 में राम नवमी कब है, तो नोट करें राम नवमी की तारीख क्या रहेगी 2027 में, राम नवमी डेट इन हिंदी।

राम नवमी कब है 2027 में, Ram Navami 2027 Date

साल 2027 में राम नवमी 15 अप्रैल (गुरुवार) को मनाई जाएगी। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आता है और इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। हिंदू धर्म में यह दिन बेहद पवित्र माना जाता है।

राम नवमी क्यों मनाते हैं?

राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ गया था, तब भगवान विष्णु ने राम के रूप में अवतार लेकर रावण जैसे अत्याचारी का अंत किया। भगवान राम को “मर्यादा पुरुषोत्तम” कहा जाता है, जिन्होंने अपने जीवन में सत्य, कर्तव्य और आदर्शों का पालन किया।

राम नवमी कैसे मनाएं?

राम नवमी के दिन भक्त सुबह स्नान करके व्रत रखते हैं और भगवान राम की पूजा करते हैं। घर और मंदिरों में राम दरबार की स्थापना की जाती है और विशेष सजावट की जाती है। इस दिन रामायण का पाठ, सुंदरकांड का पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। दोपहर के समय, जिसे भगवान राम का जन्मकाल माना जाता है, विशेष आरती और पूजा होती है।

अयोध्या में राम नवमी कैसे मनाते हैं

श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर में बहुत ही भव्य अंदाज में मनाई जाती है। इस दिन मंदिर में सुबह विशेष पूजा होती है। दोपहर 12 बजे, जो भगवान राम के जन्म का समय माना जाता है, उस समय राम मंदिर में घंटियां, शंख और जयकारों के साथ श्री राम के जन्म का उत्सव मनाया जाता है।

राम लला का सूर्य तिलक, Ram Lala Surya Tilak

राम नवमी के दिन पर भगवान राम को सूर्य तिलक भी लगाया जाता है। सूर्य तिलक एक अद्भुत धार्मिक और वैज्ञानिक परंपरा है, जिसमें भगवान राम के माथे पर सूर्य की किरणों से तिलक लगाया जाता है। वह भी ठीक राम नवमी के दिन, दोपहर 12 बजे जो उनका जन्म समय है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोला author

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक... और देखें

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