अध्यात्म

Ram Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi: श्री राम चंद्र कृपालु भजमन...रामनवमी पूजा के समय जरूर करें ये आरती

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 17, 2024, 11:47 AM IST

Ram Navami Aarti, Ram Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi (राम जी की आरती): श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्, नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्...भगवान राम की पूजा के समय उनकी आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। यहां देखें राम जी की आरती के लिरिक्स।

Image

Ram Navami Aarti, Ram Ji Ki Aarti Lyrics

Ram Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi, Shree Ram Chandra Kripalu Bhajman Aarti in Hindi: चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की उपासना के साथ भगवान राम की भी पूजा होती है। मान्यताओं अनुसार इस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। इसलिए ही इस तिथि पर भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। जिसे राम नवमी कहते हैं। इस दिन भगवान राम की पूजा की जाती है और रामायण का पाठ भी किया जाता है। लेकिन इस दिन भगवान राम की पूजा के समय उनकी आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। यहां देखें राम भगवान की आरती।

Ram Ji Ki Aarti Ke Lyrics (राम जी की आरती)

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।

नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।

पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।

रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।

आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।

मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।

करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।

तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।

मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

राम नवमी के शुभ अवसर पर राम जी की आरती पढ़ने से परिवार में सुख-शांति आती है। राम जी की आरती से पहले भगवान राम की विधि विधान पूजा जरूर कर लें। संभव हो तो इस दिन राम चालीसा भी जरूर पढ़ें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article