अध्यात्म

Raksha Bandhan 2025: राखी कब उतारनी चाहिए? राखी कितने दिन तक बांधनी चाहिए? जानें पुरानी राखी का क्या करें

Raksha Bandhan 2025: रक्षा बंधन का त्योहार मनाने के बाद अक्सर लोगों को ये समझ नहीं आता है कि अब राखी का क्या करें। इस राखी को कलाई पर ही रहने दें या उतार दें। कब उतारना सही है और कहां रखें? इन सभी सवालों का सही जवाब आपको यहां मिल जाएगा।

Image

राखी कब उतारनी चाहिए? (photo source: canva)

Raksha Bandhan 2025: आज देशभर में बड़े धूमधाम से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। भाईयों की कलाई में राखी है। लेकिन अब जब राखियां बंध गई हैं तो अक्सर समझ नहीं आता है कि अब इस राखी को कलाई से कब उतारा जाए। कितने दिनों तक राखी को पहनना शुभ होता है। यहां तक की कुछ लोग तो पिछले साल की पुरानी राखी भी संभालकर रखते हैं क्योंकि उन्हें ये नहीं पता होता है कि इसका क्या करना है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। राखी से जुड़े हर सवाल का सीधा जवाब यहां है।

राखी कब उतारनी चाहिए?

राखी को अक्सर 5 से 7 दिन तक बांधे रखने की परंपरा है। कई लोग इसे पूर्णिमा से अगले त्योहार (जैसे कृष्ण जन्माष्टमी) तक बांधे रखते हैं। कुछ परंपराओं में राखी कृष्ण जन्माष्टमी के बाद उतारी जाती है। कुछ लोग इसे भाद्रपद मास के आरंभ में उतारते हैं। वैसे जब राखी पुरानी या गंदी हो जाए, तब भी लोग उसे उतार देते हैं।

राखी कितने दिन तक बांधनी चाहिए?

आम तौर पर लोग 1 दिन से लेकर 8-10 दिन तक राखी बांधना चाहिए। कई जगहों पर राखी को कृष्ण जन्माष्टमी तक बांधे रखने की परंपरा है। कुछ लोग इसे श्रद्धा से तब तक बांधकर रखते हैं जब तक वह खुद से गिर न जाए या गंदी न हो जाए।

राखी उतारने के बाद इसे कहां रखें?

राखी को सम्मानपूर्वक पीपल के पेड़ के नीचे, पानी में बहाना, या किसी पवित्र स्थान पर रखना उचित माना जाता है। कुछ लोग इसे गाय के गोबर में डालकर जलाते हैं, ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो। भूलकर भी राखी को धरती पर नहीं फेंकना चाहिए। या जूते-चप्पल या गंदे स्थान पर नहीं डालना चाहिए।

पुरानी राखी का क्या करें?

आप राखी को किसी पवित्र नदी, तालाब या बहते पानी में प्रवाहित कर सकते हैं। इससे राखी का विसर्जन सम्मानपूर्वक होता है। या फिर राखी को साफ कपड़े में लपेटकर पीपल या तुलसी के पेड़ के नीचे रख सकते हैं। यदि राखी बहुत भावनात्मक हो (जैसे कि दूर बसे भाई या दिवंगत भाई की राखी), तो आप उसे कुछ समय तक घर के मंदिर में रख सकते हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article