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Premanand Maharaj Darshan Time Today LIVE 8 April 2026: कितने बजे होंगे प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन? जानें परिक्रमा का पूरा शेड्यूल

Premanand Maharaj News Today, प्रेमानंद जी महाराज आज परिक्रमा में आएंगे या नहीं ताजा खबर 8 April 2026: आप प्रेमानंद जी के परिक्रमा मार्ग या आश्रम में दर्शन करना चाहते हैं, तो जानें प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन का शेड्यूल...

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प्रेमानंद महाराज के दर्शन का समय

Premanand Maharaj News Today, प्रेमानंद जी महाराज आज परिक्रमा में आएंगे या नहीं ताजा खबर 8 April 2026: वृंदावन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन करने की गहरी इच्छा रखते हैं। आध्यात्मिक जगत में जिन संतों का नाम सबसे अधिक श्रद्धा और लोकप्रियता के साथ लिया जाता है, उनमें प्रेमानंद जी महाराज अग्रणी माने जाते हैं। उनके भक्ति से ओतप्रोत प्रवचन और प्रेरणादायक संदेश सोशल मीडिया से लेकर भक्तों के बीच खूब सराहे जाते हैं।

देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं, ताकि वे उनसे मिल सकें और उनके दर्शन का लाभ ले सकें। ऐसे में भक्तों के मन में अक्सर यह जिज्ञासा रहती है कि उनके दर्शन का उचित समय क्या है, वे परिक्रमा के लिए कब निकलते हैं और उनसे मुलाकात कहां संभव है। आइए, इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानते हैं।

प्रेमानंद महाराज जी के सुबह दर्शन कितने बजे होंगे? - Premanand Maharaj Darshan Time

वर्तमान दिनचर्या के अनुसार, प्रेमानंद महाराज जी के सुबह के दर्शन प्रायः श्री हित राधा केलि कुंज में होते हैं। आमतौर पर यह समय सुबह करीब 7:00 बजे से 10:00 बजे के बीच माना जाता है। हालांकि भीड़ और विशेष अवसरों के कारण समय में हल्का बदलाव संभव है, इसलिए भक्तों को थोड़ा पहले पहुंचना बेहतर रहता है।

Premanand ji Maharaj

Premanand ji Maharaj

प्रेमानंद जी महाराज परिक्रमा के लिए कितने बजे निकलते हैं

एक समय था जब प्रेमानंद जी महाराज सुबह परिक्रमा करते नजर आते थे, लेकिन पिछले कुछ समय में उनकी दिनचर्या में बदलाव देखा गया है। अब वे प्रायः शाम 5:00 बजे के आसपास वृंदावन परिक्रमा के लिए निकलते हैं। इस दौरान वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जहां चलते-फिरते ही उनके दर्शन किए जा सकते हैं।

प्रेमानंद जी महाराज से कहां-कहां मिल सकते हैं?

अगर आप महाराज जी से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा रखते हैं, तो इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान उनका आश्रम (केली कुंज) या प्रवचन स्थल है। यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहता है। इसके अलावा, परिक्रमा मार्ग भी ऐसा अवसर देता है जहां भक्त सहज रूप से उनके दर्शन कर सकते हैं, भले ही औपचारिक मुलाकात संभव न हो।

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gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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