Daliy Prarthana Lyrics: हिंदू धर्म में प्रार्थना को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। भारतीय संस्कृति में शिक्षा शुरू करने से पहले प्रार्थना करने का विधान है। प्रार्थना करने से व्यक्ति को आंतरिक शांति मिलती है। अक्सर लोग सुबह में प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के द्वारा हम जगत के पालनहार को धन्यवाद अर्पित करते हैं। भगवान की प्रार्थना करने से साधक को मन की स्थिरता प्राप्त होती है। प्रार्थना करने से हम अपने मन को एक जगह पर एक्राग कर पाते हैं। प्रार्थना हमेशा सुबह हमेशा स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करके ही करनी चाहिए।
Daya Kar Daan Bhakti Lyrics (दया कर दान भक्ति लिरिक्स)
दया कर दान विद्या का,
हमें परमात्मा देना,
दया करना हमारी आत्मा में,
शुद्धता देना ।
हमारे ध्यान में आओ,
प्रभु आँखों में बस जाओ,
अँधेरे दिल में आकर के,
प्रभु ज्योति जगा देना ।
बहा दो प्रेम की गंगा,
दिलों में प्रेम का सागर,
हमें आपस में मिल-जुल के,
प्रभु रहना सीखा देना ।
हमारा धर्म हो सेवा,
हमारा कर्म हो सेवा,
सदा ईमान हो सेवा,
व सेवक जन बना देना ।
वतन के वास्ते जीना,
वतन के वास्ते मरना,
वतन पर जाँ फिदा करना,
प्रभु हमको सीखा देना ।
दया कर दान विद्या का,
हमें परमात्मा देना,
दया करना हमारी आत्मा में,
शुद्धता देना ।
प्रार्थना का अर्थ (Prarthana Meaning)
दया कर दान भक्ति प्रार्थना में हम परमात्मा से खुद के उपर दया कहने को कह रहे हैं। उनसे विद्या का और अपनी आत्मा की शुद्धि का दान मांग रहे हैं। हम भगवान से अपने भीतर ज्ञान की ज्योति जगाने के को कह रहे हैं। हमारी आत्मा ऐसी हो जाए जो सेवा को ही अपना धर्म और कर्म माने। इस प्रार्थना को हर सुबह करने से सकारात्मकता आती है और मन पवित्र हो जाता है।
