अध्यात्म

Pran Prathishtha Ram Bhajan: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर सुनें राम जी के भजन, यहां देखें पूरी लिस्ट

Pran Prathishtha Ram Bhajan: साल 2025 में रामलला मंदिर की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस दिन राम जी की मधुर भजनों को गाने और सुनने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होगी। ऐसे में आइए यहां देखें राम जी की भजन के लिरिक्स।

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Pran Prathishtha Ram Bhajan: साल 2024 में 22 जनवरी को रामलला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। हिंदू पंचांग के अनुसार पिछले साल ये तिथि द्वादशी तिथि 22 जनवरी को थी। इस साल पौष मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 11 जनवरी को पड़ रही है। ऐसे में इस साल प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन विभिन्न आयोजनों के माध्यम से रामलला की पूजा जाएगी और अभिषेक किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर राम जी के भजनों का सुनना और गाना विशेष फलदायी होगा। आइए यहां देखें राम जी की मधुर भजनों की लिस्ट और लिरिक्स।

Ram Bhajan List (राम भजन लिस्ट)

  • जिन पर कृपा राम करे भजन
  • लंका में मचाने हाहाकार राम जी सेना चली भजन
  • चलो देख आये री राजा राम की नगरियाँ भजन
  • मेरी नैया में लक्ष्मण राम भजन
  • तू तो डूबा हुआ तर जायेगा भजन
  • अवध में हो रही जय जय कार आज है राम लला आये
  • हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम भजन
  • कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा हरी शरण आने के बाद भजन
  • ओ जाने वाले रघुवर को परनाम हमारा कह देना भजन
  • श्री राम जय राम जय जय राम कलयुग केवल नाम अधारा भजन
  • बधैया बाजे आँगने में भजन
  • राम लक्ष्मण जानकी जय बोलो हनुमान की भजन
  • किरपा मिलेगी श्री राम जी की भजन
  • आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए भजन
  • हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता भजन
  • चलो री सखी आज मिले गे भगवान भजन

Pran Prathishtha Ram Bhajan (राम जी के भजन लिरिक्स)

जब राम मेरे घर आएंगे लिरिक्स

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

जब राम मेरे घर आएंगे, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे…..

मैं चुन चुन कलियाँ लाऊंगी, हांथो से हार बनाऊँगी,

मैं उनको हार पहनाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे…..

मैं चन्दन चौकी बिछाऊँगी, फूलों से उसे सजाऊंगी,

मैं प्रेम से उन्हें बिठाउंगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे…..

मैं छप्पन भोग बनाउंगी, हाथों से उन्हें खिलाऊंगी,

मैं प्रेम से उन्हें खिलाऊंगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे…..

मैं रो – रो उन्हें मनाऊंगी, गा -गा कर उन्हें सुनाऊँगी,

मैं अपना हाल बताउंगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे…..

मैं फूलों की सेज बिछाऊँगी, झालर का तकिया लगाउंगी,

मैं उनके चरण दबाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे…..

राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी

मेरी झोपड़ी के भाग,आज जाग जाएंगे, राम आएँगे,

राम आएँगे आएँगे,राम आएँगे,

मेरी झोपडी के भाग,आज जाग जाएंगे, राम आएँगे ॥

राम आएँगे तो, आंगना सजाऊँगी,

दिप जलाके, दिवाली मनाऊँगी,

मेरे जन्मो के सारे, पाप मिट जाएंगे,

राम आएँगे,

मेरी झोपडी के भाग,आज जाग जाएंगे,

राम आएँगे ॥

राम झूलेंगे तो, पालना झुलाऊँगी,

मीठे मीठे मैं, भजन सुनाऊँगी,

मेरी जिंदगी के, सारे दुःख मिट जाएँगे,

राम आएँगे,

मेरी झोपडी के भाग, आज जाग जाएंगे,

राम आएँगे ॥

मेरा जनम सफल, हो जाएगा,

तन झूमेगा और, मन गीत गाएगा,

राम सुन्दर मेरी, किस्मत चमकाएंगे,

राम आएँगे,

मेरी झोपडी के भाग, आज जाग जाएंगे,

राम आएँगे ॥

सजा दो घर का गुलशन सा अवध में राम आए हैं

सजा दो घर का गुलशन सा,

अवध में राम आए हैं,

सजा दो घर को गुलशन सा,

अवध में राम आए हैं,

अवध मे राम आए है,

मेरे सरकार आए हैं,

लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

अवध मे राम आए हैं,

सजा दो घर को गुलशन सा,

अवध मे राम आएं हैं ।

पखारों इनके चरणों को,

बहा कर प्रेम की गंगा,

बिछा दो अपनी पलकों को,

अवध मे राम आए हैं,

सजा दो घर को गुलशन सा,

अवध मे राम आए हैं ।

तेरी आहट से है वाकिफ़,

नहीं चेहरे की है दरकार,

बिना देखेँ ही कह देंगे,

लो आ गए है मेरे सरकार,

लो आ गए है मेरे सरकार,

दुआओं का हुआ है असर,

दुआओं का हुआ है असर,

अवध मे राम आए हैं,

सजा दो घर को गुलशन सा,

अवध मे राम आए हैं ।

सजा दो घर को गुलशन सा,

अवध में राम आए हैं,

अवध मे राम आए है,

मेरे सरकार आए हैं,

लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

अवध मे राम आए हैं,

सजा दो घर को गुलशन सा,

अवध मे राम आएं हैं।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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