अध्यात्म

Pradosh Vrat June 2023: जून में कब-कब पड़ेंगे प्रदोष व्रत, तिथि-तारीख से लेकर जानिए इसके महत्व भी

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated Jun 1, 2023, 06:13 AM IST

Pradosh Vrat June 2023 Dates: हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। ये व्रत हर महीने दोनों पक्षों के त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। जानिए जून में आखिर कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत।

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Pradosh vrat June 2023 date know June me pradosh vrat kab hai in hindi

Pradosh Vrat June 2023 Dates: प्रदोष व्रत, भगवान शिव को समर्पित एक खास व्रत है। यह हर महीने दो बार यानी कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत, भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए खास माना जाता है। कहते हैं इस व्रत को करने से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और संतान की प्राप्ति होती है। दरअसल, जून का महीना शुरू हो रहा है। ऐसे में आज हम जानेंगे इस साल जून में प्रदोष व्रत किस-किस दिन पड़ रहे हैं। तो चलिए जानते हैं जून 2023 में पड़ने वाले सभी प्रदोष व्रतों की डेट। साथ ही इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त भी जानेंगे।

जून 2023 में कब-कब पड़ेंगे प्रदोष व्रत? (Pradosh Vrat Dates In June 2023)

1 जून 2023- शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 1 जून, 2023 दिन गुरुवार को है। यह तिथि दोपहर 1 बजकर 39 मिनट से प्रारंभ होगी। वहीं इसका समापन अगले दिन 2 जून, शुक्रवार की दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) कहा जाएगा। इस दिन शाम के समय शिव जिनकी विधिवत पूजा अवश्य करें।

15 जून 2023- कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 15 जून, गुरुवार को है। इस तिथि की शुरुआत 15 जून की सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 16 जून की सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर होगा। यह भी गुरुवार के दिन पड़ा है। इसलिए इसे भी गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा। जून में आने वाले दोनो प्रदोष व्रत गुरु प्रदोष व्रत ही होंगे।

प्रदोष व्रत के महत्व (Pradosh Vrat June 2023 Significance):

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह चंद्र मास के 13वें दिन यानी त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। पौराणिक कथा के नुसार, एकबार चंद्र को क्षय रोग हुआ था, जिसके कारण उन्हें मृत्यु के समान कष्ट हो रहा था। तब भगवान शिव ने उमके कष्टों का निवारण कर चंद्र को त्रयोदशी के दिन पुन: जीवन का वरदान दिया। इस तरह यह विशेष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि इस खास दिन पर भोलेनाथ की विधिवत पूजा करने से व्यक्ति के सारे पाप मिट जाते हैं। इतना ही नहीं जीवन की समस्त परेशानियों से छुटकारा भी मिलता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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