कौन हैं सत्य साईं बाबा?
Sathya Sai Baba : आंध्र प्रदेश के छोटे गांव पुट्टापर्थी में जन्मे सत्य साईं बाबा की जन्म शताब्दी 23 नवंबर को मनाई जाएगी। उनका आश्रम जिसे प्रशांति निलयम के नाम से जाना जाता है, जो कि पुट्टापर्थी में ही मौजूद है। यह आश्रम उनके प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक और सेवा केंद्र बन गया। सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी कार्यक्रम में आज प्रधानमंत्री मोदी सुबह 10 बजे उनके आश्रम पहुंचेंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ रहेंगे। मोदी इस दौरान बाबा की महासमाधि पर जाएंगे।
सत्य साईं बाबा (1926–2011) भारत के एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, समाजसेवी और साईं आंदोलन के प्रमुख व्यक्तित्व थे। उनका जन्म 23 नवंबर 1926 को आंध्र प्रदेश के पुट्टापर्थी (जिला अनंतपुर) में हुआ था। उनका मूल नाम सत्यनारायण राजू था। कम उम्र में ही उन्हें असाधारण आध्यात्मिक क्षमताओं वाला माना जाने लगा और 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने घोषणा की कि वे शिर्डी साईं बाबा के पुनर्जन्म हैं।
सत्य साईं बाबा को उनके भक्त भगवान का अवतार, फकीर, संत, योगी और आध्यात्मिक गुरु मानते थे। वे सर्व धर्म संभव का संदेश देते थे—यानी सभी धर्म एक ही सत्य की ओर ले जाते हैं। उनके अनुयायी कहते हैं कि उनके संदेशों में प्रेम, सेवा, शांति, धर्म और अहिंसा का सार रहता था। वह कई चमत्कार भी दिखाते थे जिस पर लोगों के अलग-अलग मत रहे हैं।
सत्य साईं बाबा केवल भारत ही नहीं विदेशों तक फेमस थे। उनके शिष्य दुनिया भर के लगभग 150 से अधिक देशों में मौजूद हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से लेकर कई राजनेता और अभिनेता बाबा को अपना गुरु मानते हैं। सचिन तेंदुलकर की भी सत्य साई बाबा में गहरी आस्था रही है। 2011 में मास्टर-ब्लास्टर ने अपने गुरु की तबीयत खराब होने की वजह से अपना जन्मदिन भी नहीं मनाया था। वहीं मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सचिन तेंदुलकर हमेशा अपनी किट में सत्य साईं बाबा की तस्वीर रखते थे। इसके साथ ही सचिन के बाल घुंघराले थे क्योंकि सत्य साईं बाबा ने उन्हें ऐसा करने के लिए आशीर्वाद दिया था।
सत्य साईं बाबा का जन्म (23 नवंबर 1926 को आंध्र प्रदेश के एक गांव पुट्टापर्थी में हुआ था। वहीं देहावसान 24 अप्रैल 2011 को हुआ। इस साल उनका जन्म शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को शामिल होने का न्योता दिया गया है। इस भव्य कार्यक्रम की तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। जिसके तहत आज 19 नवंबर के दिन प्रधानमंत्री मोदी आंध्र प्रदेश दौरे में पुट्टापर्थी आश्रम पहुंच रहे हैं। जहां वह स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी कर रहे हैं।