अध्यात्म

पीरियड में सकट चौथ का व्रत कैसे रखें? जानें मासिक धर्म में सकट चौथ की पूजा करने के नियम

Period Me Sakat Chauth Ka Vrat Kaise Kare: पीरियड्स के दौरान कोई भी व्रत-पूजा करने से मना किया जाता है। लेकिन जिन महिलाओं के बच्चे होते हैं, वो सकट चौथ की पूजा कैसे छोड़ सकती हैं। ऐसे में यहां हम आपको मासिक धर्म के दौरान सकट चौथ का व्रत और पूजा कैसे करें, ये बताएंगे।

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पीरियड्स में कैसे करें सकट चौथ का व्रत (pc: canva)

Period Me Sakat Chauth Ka Vrat Kaise Kare: आज गणपति जी को समर्पित सकट चौथ का व्रत है और ये व्रत हर महिला जिनके बच्चे हैं, वो करती ही हैं। वहीं, संतान सुख के लिए भी इस व्रत को किया जाता है। लेकिन बात तब अटकती है, जब इस दौरान पीरियड आ जाए। मासिक धर्म में पूजा-पाठ की मनाही होती है तो ऐसे में सकट चौथ का व्रत और पूजा आपको कैसे करना है, ये हम यहां बता रहे हैं।

पीरियड्स में कैसे करें सकट चौथ का व्रत?

शास्त्रों अनुसार पीरियड्स के दौरान भी सकट चौथ का व्रत रखा जा सकता है। बस इस समय आपको पूजा के सामान को हाथ नहीं लगाना है। आप इस स्थिति में सकट चौथ की पूजा करने के लिए घर की किसी और महिला की सहायता ले सकती हैं। आप पूजा के स्थान से थोड़ा दूर बैठकर करवा चौथ की व्रत कथा सुन सकती हैं। साथ ही मन ही मन ईश्वर की अराधना करती रहें और बच्चे के कुशलता की प्रार्थना करती रहें। वहीं जब चांद निकल जाए तो उसे अर्घ्य देकर अपना व्रत खोल लें।

पीरियड्स में चंद्रमा को अर्घ्य दे सकते हैं?

जी हां, पीरियड्स के समय पूजा की मनाही होती है लेकिन चांद को अर्घ्य दिया जा सकता है। चांद को विधि विधान अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोल सकती हैं।

अगर व्रत करने की मनाही हो तो?

अगर आपकी परंपरा में पीरियड्स में व्रत नहीं किया जाता तो इस साल व्रत न रखें, इसमें कोई दोष नहीं माना जाता। मन ही मन संतान की कुशलता की प्रार्थना करें। किसी और दिन (जैसे अगले महीने या किसी शुभ दिन) भगवान गणेश को स्मरण कर ब्राह्मणों को दान करें। साथ ही घर के किसी अन्य सदस्य से पूजा भी करवा सकते हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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