Paush Purnima Snan Time Today: पौष पूर्णिमा आज, नोट करें स्नान और दान का शुभ मुहूर्त, आज नहाने का शुभ मुहूर्त
- Authored by: Srishti
- Updated Jan 3, 2026, 09:04 AM IST
Paush Purnima Puja, Snan Time Today: पौष मास की पूर्णिमा हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस दिन स्नान, दान और जप-तप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। आज वही खास दिन है और यहां से आप आज के स्नान और दान के शुभ मुहूर्त के बारे में जान सकते हैं।
पौष पूर्णिमा स्नान-दान मुहूर्त (AI Generated)
Paush Purnima Puja, Snan Time Today: पूर्णिमा तिथि कल यानी 2 जनवरी 2026, शाम 6:53 बजे प्रारंभ हुई थी और आज 3 जनवरी 2026, दोपहर 3:32 बजे इसका समापन होगा। उदया तिथि आज, 3 जनवरी 2026 को मनाई जा रही है। ऐसे में आप यहां से पौष पूर्णिमा की पूजा का सही समय और साथ ही स्नान मुहूर्त और दान करने का शुभ समय भी जान सकते हैं।
पौष पूर्णिमा स्नान मुहूर्त (Paush Purnima Snan Muhurat)-
पौष पूर्णिमा स्नान के लिए सुबह 5 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 25 मिनट तक का मुहूर्त सबसे शुभ है। हालांकि, इसके अलावा आप अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल, विजय मुहूर्त और शुभ चौघड़िया मुहूर्त में भी स्नान कर सकते हैं।
पौष पूर्णिमा दान का शुभ मुहूर्त (Paush Purnima Daan Shubh Muhurat)-
- ब्रह्म मुहूर्त- 05:25 AM से 06:20 AM
- अभिजीत मुहूर्त- 12:05 PM से 12:46 PM
- विजय मुहूर्त- 02:09 PM से 02:51 PM
- अमृत काल- 08:33 AM से 09:58 AM
- निशिता मुहूर्त- 11:58 PM से 12:53 AM, जनवरी 04
दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- शुभ- उत्तम: 08:32 AM से 09:50 AM
- चर- सामान्य: 12:26 PM से 01:43 PM
- लाभ- उन्नति: 01:43 PM से 03:01 PM
- अमृत- सर्वोत्तम: 03:01 PM से 04:19 PM
रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- लाभ- उन्नति: 05:37 PM से 07:19 PM
- शुभ- उत्तम: 09:01 PM से 10:44 PM
- अमृत- सर्वोत्तम: 10:44 PM से 12:26 AM, 4 जनवरी
- चर- सामान्य: 12:26 AM से 02:08 AM, 4 जनवरी
- लाभ- उन्नति: 05:32 AM से 07:15 AM, 4 जनवरी
पौष पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का महत्व-
पौष पूर्णिमा से माघ स्नान का आरंभ होता है, जो माघ महीने भर चलता है। आज किसी पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और शरीर और मन की शुद्धि होती है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया स्नान अश्वमेध यज्ञ के समान फल देता है। इस दिन दान करने का फल कई गुना बढ़ जाता है। दान से दरिद्रता का नाश और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।