Parama Ekadashi Paran Time: अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी का धार्मिक महत्व खास है। भगवान विष्णु को समर्पित यह पावन व्रत तीन वर्ष में एक बार आता है, इसलिए श्रद्धालु पूरे विधि-विधान के साथ इसका पालन करते हैं। कल 11 जून 2026 को परमा एकादशी का व्रत रखा गया है। व्रत का पूर्ण फल पाने के लिए इसका पारण भी विधि-विधान से करना जरूरी है। पारण शास्त्रों में बताए गए नियमों और शुभ समय के अनुसार किया जाना चाहिए। यदि आप एकादशी व्रत के पारण का शुभ मुहूर्त तलाश रहे हैं, तो हम आपको बताएंगे परमा एकादशी (Parama Ekadashi 2026) व्रत का पारण टाइम और पारण की विधि।
क्यों जरूरी है व्रत का पारण
सनातन धर्म में एकादशी व्रत केवल उपवास तक सीमित नहीं है। इसके अलावा व्रत का पारण भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार यदि व्रत रखा जाए लेकिन उसका पारण सही समय पर न किया जाए, तो व्रत का पूर्ण पुण्य फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए पारण का सही समय जानकर उसी समय पर पारण करना जरूरी होता है।
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कब होता है एकादशी का पारण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। इसलिए आपको भी परमा एकादशी का पारण आज द्वादशी तिथि में करना चाहिए। आगे जानते हैं कब लगेगी द्वादशी तिथि और किस समय करना है एकादशी व्रत का पारण?
आज या कल कब लगेगी द्वादशी तिथि
परमा एकादशी की तिथि 11 जून 2026 को रात 10 बजकर 36 मिनट तक रही। इसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ हो चुका है। हालांकि आपको रात के समय व्रत का पारण नहीं करना चाहिए। इसलिए पहले जान लेना चाहिए कि क्या कहते हैं इसके लिए धार्मिक नियम।
कब होगा परमा एकादशी का पारण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद किया जाता है। इस धार्मिक मान्यता और पंचांग के अनुसार व्रत का पारण द्वादशी तिथि में आज यानी 12 जून की सुबह किया जाएगा। इसलिए ध्यान रखें कि भले ही द्वादशी तिथि 11 जून की रात में शुरू हो चुकी है, लेकिन व्रत का पारण आज 12 जून को ही किया जाएगा।
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परमा एकादशी के पारण का शुभ मुहूर्त
परमा एकादशी व्रत का पारण 12 जून 2026, शुक्रवार को किया जाएगा। परमा एकादशी व्रत के पारण का शुभ समय 12 जून 2026 की सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। यदि आप व्रत पारण करना चाहते हैं, तो आपको इस समय के बीच अपना व्रत खोलना चाहिए। इस समय में पारण करने से व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होने की मान्यता है।
परमा एकादशी व्रत पारण के नियम
- पारण के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- पारण में भगवान विष्णु की पूजा और प्रार्थना करें।
- पारण से पहले ब्राह्मणों तथा जरूरतमंद लोगों को दान-दक्षिणा दें।
- पारण के दिन भी सात्विक भोजन का ही सेवन करें।
- पारण के भोजन में चावल शामिल करना शुभ माना गया है।
- पारण के समय क्रोध, तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
परमा एकादशी के पारण के दिन दान-पुण्य का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान-ध्यान के बाद अन्न, वस्त्र, जल, फल या अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद की सहायता करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
