17 अप्रैल 2022 का पंचांग: भगवान शिव को दुग्ध,गंगाजल व शहद से करें रुद्राभिषेक,गायत्री मंत्र के जाप का है महत्व

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 16, 2022, 12:55 PM IST

17 April 2022 ka Panchang: 17 अप्रैल को श्री आदित्यहृदयस्तोत्र के 03 बार पाठ करने का बहुत सुंदर फल प्राप्त होता है। यहां पढ़ें रविवार का पंचांग और शुभ और अशुभ मुहूर्त।

17 अप्रैल 2022 का पंचांग: भगवान शिव को दुग्ध,गंगाजल व शहद से करें रुद्राभिषेक,गायत्री मंत्र के जाप का है महत्व

17  April 2022 Ka Panchang: आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा है।चित्रा नक्षत्र है।आज रविवार का पावन व्रत है। भगवान विष्णु जी की उपासना के साथ सूर्य देवता जी की पूजा भी करें। आज श्री आदित्यहृदयस्तोत्र के 03 बार पाठ करने का बहुत सुंदर फल प्राप्त होता है। मंदिर में विष्णु जी का दर्शन करें। श्री रामचरितमानस का पाठ करें।गायत्री मंत्र  के जप का आज बहुत महत्व है। प्रातःकाल सूर्य को जल दें व शिवपूजा के लिए  मंदिर में भगवान शिव को दुग्ध,गंगाजल व शहद से रुद्राभिषेक करें व उनको बेल पत्र अर्पित करें।आज रुद्राभिषेक का बहुत ही सुंदर दिन व तिथि है।

दुर्गा जी की स्तुति भी करें।आज दान का बहुत महत्व व पुण्य है।आज पुण्य संचय करने का महान दिवस है।आज गो माता को गुड़ व  का अनन्त पुण्य  है।प्रातःकाल पञ्चाङ्ग का दर्शन ,अध्ययन व मनन आवश्यक है।शुभ व अशुभ समय का ज्ञान भी इसी से होता है। अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे बेहतर होता है।इस शुभ समय में कोई भी कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।विजय व गोधुली मुहूर्त भी बहुत ही सुंदर होता है।राहुकाल में कोई भी कार्य या यात्रा आरम्भ नहीं करना चाहिए।

आज का पंचांग 17 अप्रैल 2022 (Today Panchang)

दिनांक 17 अप्रैल 2022  
दिवस रविवार
माह चैत्र,कृष्ण पक्ष
तिथि प्रतिपदा 
सूर्योदय

06:05am

सूर्यास्त 06:41pm
नक्षत्र चित्रा
सूर्य राशि मेष
चन्द्र राशि तुला
करण बालव
योग

वणिज

अभिजीत मुहूर्त  11:59am से 12:44 pm तक।
विजय मुहूर्त 02:29pm से 03:25 pm तक
गोधुली मुहूर्त 06:09pm से 06:15pm तक

राहुकाल का समय सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक है। इस दौरान शुभ काम को करने से परहेज करें।

End of Article