अध्यात्म

27 नवंबर से 1 दिसंबर तक पंचक काल, जानिए इस बार क्यों है खास?

Panchak November 2025: 27 नवंबर 2025 की सुबह 1 बजकर 32 मिनट पर चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर कर जाएंगे। इसके बाद दोपहर वे शनि की राशि कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे। इससे पंचक की शुरुआत हो जाएगी। हालांकि पांच दिन चलने वाले यह पंचक इस बार दोष रहित होंगे। इस कारण कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। इसके बाद भी 5 ऐसे कार्य हैं, जो इस पंचक में भी वर्जित रहेंगे।

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पंचक 2025

Panchak November 2025: हिंदू पंचांग में पंचक काल चंद्रमा के कुंभ-मीन राशि में होते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में गोचर करने पर बनता है। सामान्यतः यह पांच दिनों का अशुभ काल माना जाता है जिसमें विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं। हालांकि नवंबर 2025 का पंचक विशेष है क्योंकि यह गुरुवार, 27 नवंबर दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से शुरू होकर 1 दिसंबर रात 11 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। गुरुवार से प्रारंभ होने वाला पंचक ज्योतिष शास्त्र में ‘दोषरहित पंचक’ कहलाता है और इसे शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। हालांकि 5 ऐसे कार्य हैं, जो इस पंचक में भी नहीं करने होंगे।

शुभ रहेगा पंचक

जब पंचक गुरुवार को शुरू होता है तो बृहस्पति का प्रभाव नक्षत्रों के अशुभ फल को शांत कर देता है। इस कारण इसे विष्णु और बृहस्पति देव का पंचक कहा जाता है। इस काल में विवाह, सगाई, नामकरण, गृह प्रवेश, वाहन क्रय जैसे शुभ कार्य बिना किसी दोष के किए जा सकते हैं। मार्गशीर्ष मास होने से भी यह पंचक भक्ति और पुण्य कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा। यदि कोई विवाह मुहूर्त ढूंढ रहे हैं तो 27 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच का समय बहुत अच्छा रहेगा।

दोषरहित पंचक में भी ये 5 कार्य वर्जित रहेंगे

हालांकि यह पंचक शुभ है, फिर भी पांच कार्यों को करना निषिद्ध रहेगा क्योंकि ये पंचक नक्षत्रों के स्वाभाविक प्रभाव से जुड़े हैं। इनमें घर की छत डालना या नया निर्माण शुरू करना, दक्षिण दिशा की यात्रा, चारपाई या लकड़ी का फर्नीचर बनाना, लकड़ी इकट्ठा करना और दाह संस्कार शामिल हैं। इनके अलावा अन्य सभी कार्य निर्भय होकर किए जा सकते हैं। यदि पंचक में किसी की मृत्यु हो जाए तो भी पंचक शांति पूजा अवश्य करानी चाहिए।

पंचक में करें ये मंत्र जाप

पंचक काल में भगवान शिव, गणेश और विष्णु के मंत्रों का जाप करने से हर प्रकार का नकारात्मक प्रभाव दूर हो जाता है। विशेष रूप से ‘ॐ नमः शिवाय’, महामृत्युंजय मंत्र और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का 108 बार जाप करें। गुरुवार पंचक होने से ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ मंत्र भी जोड़ें। पीले वस्त्र पहनकर पूर्व दिशा में बैठकर जाप करें तो लाभ दोगुना हो जाता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक और गणेश पूजन भी अत्यंत शुभ रहेगा। नवंबर 2025 का यह पंचक अशुभ नहीं, बल्कि अवसर का समय है। गुरुवार से शुरू होने के कारण यह शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त रहेगा। वर्जित कार्यों से बचें और मंत्र जाप से सुरक्षा करें तो यह काल आपके लिए मंगलमय सिद्ध होगा।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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