अध्यात्म

16 या 17 मार्च, कब से शुरू होंगे पंचक, जानिए पंचक के दौरान कौन से काम न करें?

March Mei Panchak Kab Se Lagenge : हर महीने में पांच दिन ऐसा समय आता है, जिसमें शुभ कार्यों को करने वर्जित माना जाता है। इस समय को पंचक के नाम से जाना जाता है। यह अवधि तब आती है, जब चंद्रमा कुछ विशेष 5 नक्षत्रों में गोचर करते हैं। आइए जानते हैं कि मार्च 2026 में पंचक कब से शुरू हो रहे हैं और इस दौरान कौन से कार्यों को करने की मनाही रहेगी?

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पंचक में क्या न करें?

March Mei Panchak Kab Se Lagenge : ज्योतिष शास्त्र में पंचक को एक खास समय माना जाता है। यह वह अवधि होती है जब चंद्रमा कुछ विशेष नक्षत्रों में भ्रमण करता है। इस दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की मान्यता है। माना जाता है कि इस समय शुरू किए गए कुछ कामों में बाधा या नुकसान की संभावना बढ़ सकती है। इस कारण पंचक दौरान कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए। पंचक किस दिन शुरू हो रहे हैं, इसका काफी ज्यादा महत्व होता है। ऐसा इस कारण है क्योंकि दिन के अनुसार ही पंचक के शुभ और अशुभ प्रवृत्ति तय होती है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में पंचक कब से स्टार्ट हो रहे हैं और ये पंचक कौन से होंगे?

मार्च 2026 में कब से शुरू होंगे पंचक (March Mei Panchak Kab Se Shuru Honge)

पंचांग के अनुसार मार्च 2026 में पंचक सोमवार 16 मार्च 2026 की शाम करीब 6 बजकर 14 मिनट से शुरू हो जाएंगे। इसके बाद यह लगातार पांच दिन तक रहेंगे और 21 मार्च 2026 की सुबह करीब 2 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होंगे। इस बार पंचक की शुरुआत सोमवार के दिन हो रही है, इसलिए इसे राज पंचक कहा जाता है। ज्योतिष में राज पंचक को सामान्य पंचक की तुलना में थोड़ा अलग प्रभाव वाला माना जाता है।

पंचक क्यों माना जाता है सावधानी का समय?

ज्योतिष के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा (अंतिम चरण), शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में रहता है, तब पंचक का समय बनता है। इन नक्षत्रों में चंद्रमा की ऊर्जा थोड़ी अस्थिर मानी जाती है। इसी कारण इस अवधि में कुछ ऐसे कामों से बचने की सलाह दी जाती है जो लंबे समय तक असर डालते हैं। इस कारण परंपरागत रूप से लोग पंचक के दौरान नए या बड़े कार्य शुरू करने से बचते हैं।

पंचक के दौरान न करें ये काम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करना शुभ नहीं माना जाता है। इस समय नए काम की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इसके अलावा शादी से जुड़े कार्य जैसे लड़का-लड़की देखना या विवाह की बातचीत शुरू करना भी टालने की सलाह दी जाती है।

पंचक के दौरान घर की छत बनवाना, लकड़ी या घास जमा करना भी अच्छा नहीं माना जाता है। कई लोग इस समय चारपाई बनवाने या बड़ी निर्माण गतिविधियां शुरू करने से भी बचते हैं। इसके अलावा परंपरा के अनुसार दक्षिण दिशा की यात्रा शुरू करना भी टालना चाहिए।

अंतिम संस्कार में कराएं पंचक शांति

पंचक के समय यदि किसी कारणवश अंतिम संस्कार करना पड़े, तो शास्त्रों में इसके लिए विशेष शांति विधि का उल्लेख मिलता है। कई जगह इस स्थिति में पंचक शांति कराई जाती है ताकि किसी तरह का दोष न रहे।

नवरात्रि पर भी रहेगा पंचक का प्रभाव

मार्च में आने वाली चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होगी। इस समय पंचक पहले से चल रहे होंगे। इसलिए नवरात्रि के शुरुआती दिनों में लोग बड़े शुभ कार्यों से बचते हैं और केवल धार्मिक पूजा-पाठ पर ध्यान देते हैं। कुल मिलाकर राज पंचक को पूरी तरह अशुभ समय नहीं माना जाता है, लेकिन परंपरागत रूप से इसे सावधानी का समय जरूर माना गया है। इस दौरान बड़े या स्थायी काम शुरू करने से पहले लोग शुभ समय का इंतजार करना बेहतर समझते हैं।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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