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नवरात्र में क्या क्या खा सकते हैं, क्या नवरात्र व्रत में कॉफी पी सकते हैं, क्या टमाटर खा सकते हैं, देखें नवरात्र फूड गाइड

Navratri vrat mein kya kya kha sakte hai (Navratri Food FAQs): नवरात्र के व्रत में अक्सर माता रानी के भक्तों को यह दुविधा रहती है कि इस व्रत क्या खा सकते हैं और क्या नहीं। एक या दो दिन के व्रत तो आलू, दही और फल से निकल जाते हैं। लेकिन लंबी अवधि वाले व्रत में खाने-पीने की दुविधा हम इस लेख में दूर कर रहे हैं। यहां जानें अपने सवालों के जवाब जैसे कि क्या नवरात्र व्रत में कॉफी पी सकते हैं, क्या नवरात्र में टमाटर खा सकते हैं, नवरात्र व्रत में कौन से फल नहीं खा सकते, नवरात्र में कौन सी सब्जी खाना वर्जित है - आदि सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

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नवरात्र में क्या क्या खा सकते हैं- देखें नवरात्र फूड गाइड

Navratri vrat mein kya kya kha sakte hai (Navratri Food FAQs): नवरात्र का पर्व आस्था, भक्ति और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। लेकिन व्रत के दौरान सबसे ज्यादा सवाल खाने-पीने को लेकर ही होते हैं—क्या खाएं, क्या न खाएं, और किन चीजों से परहेज करना चाहिए। अगर आप भी नवरात्र व्रत रखने जा रहे हैं, तो यहां आपको सभी जरूरी जानकारी सरल भाषा में मिल जाएगी।

नवरात्र व्रत में क्या खा सकते हैं

नवरात्र व्रत में सात्विक और हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान आप फल, दूध, दही, मखाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, आलू, शकरकंद जैसी चीजें खा सकते हैं।

फलाहार में केला, सेब, पपीता, अनार, अंगूर आदि शामिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा सेंधा नमक का ही इस्तेमाल किया जाता है।

नारियल भी व्रत में बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है, इसलिए नारियल (कच्चा या सूखा) दोनों ही रूप में खाया जा सकता है।

क्या नवरात्र व्रत में कॉफी पी सकते हैं

कॉफी को लेकर मतभेद देखने को मिलते हैं। परंपरागत रूप से व्रत में चाय और कॉफी से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह तामसिक प्रवृत्ति को बढ़ा सकती हैं। हालांकि, अगर किसी को आदत है, तो सीमित मात्रा में ब्लैक कॉफी ली जा सकती है, लेकिन इसे व्रत का हिस्सा नहीं माना जाता।

क्या नवरात्र व्रत में टमाटर खा सकते हैं

टमाटर को लेकर भी लोगों में भ्रम रहता है। अधिकांश लोग व्रत में टमाटर का सेवन करते हैं, क्योंकि यह फल की श्रेणी में आता है। लेकिन कुछ परंपराओं में इसे अवॉइड भी किया जाता है। इसलिए यह पूरी तरह आपकी पारिवारिक मान्यता पर निर्भर करता है।

क्या नवरात्र व्रत में चॉकलेट खा सकते हैं

नवरात्र का व्रत सात्विक आहार पर आधारित होता है जिसमें प्राकृतिक, हल्का और शुद्ध भोजन शामिल होता है। जबकि चॉकलेट एक प्रोसेस्ड फूड है, जिसमें चीनी, कोको, कभी-कभी मिल्क पाउडर और अन्य एडिटिव्स होते हैं। यही वजह है कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे व्रत में खाने से बचने की सलाह दी जाती है।

क्या नवरात्र व्रत में फ्रूटी, जूस या सूप ले सकते हैं

जूस: ताजे फलों का जूस व्रत में बिल्कुल लिया जा सकता है। यह शरीर को ऊर्जा देता है।

फ्रूटी या पैकेट जूस: इसमें प्रिजर्वेटिव और अतिरिक्त शुगर होती है, इसलिए इसे व्रत में लेने से बचना बेहतर है।

सूप: अगर सूप व्रत वाली सब्जियों (जैसे लौकी, कद्दू) से बना है और उसमें सामान्य नमक या मसाले नहीं हैं, तो इसे लिया जा सकता है।

क्या नवरात्र व्रत में सोडा पी सकते हैं

सोडा या कोल्ड ड्रिंक्स व्रत में नहीं पीने चाहिए, क्योंकि इनमें केमिकल और गैस होती है, जो व्रत के नियमों के विपरीत मानी जाती है। बेहतर है कि आप नींबू पानी या नारियल पानी का सेवन करें।

नवरात्र में कौन से फल नहीं खाने चाहिए

वैसे तो ज्यादातर फल व्रत में मान्य होते हैं, लेकिन कटे-फटे, बासी या अत्यधिक खट्टे फल खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, जिन फलों को लेकर परिवार में विशेष परंपरा हो, उनका पालन करना जरूरी होता है।

नवरात्र में कौन सी सब्जियां वर्जित हैं

नवरात्र व्रत में प्याज, लहसुन, बैंगन, गोभी, गाजर (कुछ परंपराओं में), हरी मटर जैसी सामान्य सब्जियां वर्जित मानी जाती हैं। इसके बजाय आप आलू, शकरकंद, कद्दू (सीताफल), अरबी, लौकी जैसी सब्जियां खा सकते हैं।

ध्यान दें कि नवरात्र का व्रत सिर्फ खान-पान तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह मन और शरीर की शुद्धि का भी समय है। इसलिए इस दौरान सात्विक आहार, संयमित जीवनशैली और सकारात्मक सोच रखना जरूरी है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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