चैत्र नवरात्रि के पहले दिन की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती सभी जरूरी जानकारी
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती सभी जरूरी जानकारी
धार्मिक मान्यताओं अनुसार मां शैलपुत्री को गाय का घी या इससे बनी चीजें अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से माता रानी तुरंत प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तों का सुखद जीवन का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। पौराणिक कथाओं अनुसार, माता शैलपुत्री पिछले जन्म में भगवान शिव की पत्नी थीं। माता शैलपुत्री पर्वत राज हिमालय के जन्मी थीं। इसी कारण उन्हें शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है।
जानें नवरात्रि के पहले दिन की देवी मां शैलपुत्री की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती, महत्व सबकुछ...
माता शैलपुत्री की व्रत कथा (Maa Shailputri Vrat katha)
सती ने भगवान शिव से अपने पिता द्वारा आयोजित यज्ञ में जाने की इच्छा जताई। सती के आग्रह पर भगवान शंकर ने उन्हें जाने की अनुमति दे दी। जब सती यज्ञ में पहुंचीं तो वहां उन्हें केवल अपनी मां से ही स्नेह प्राप्त हुआ। वहीं सती को अपनी बहनों की बातें व्यंग्य और उपहास के भाव से भरी प्रतीत हुई। सती के पिता दक्ष ने भरे यज्ञ में भगवान शंकर का अपमान किया और उनके लिए अपमानजनक शब्द कहे।
अपने पिता के मुख से अपने पति यानी भगवान शंकर के लिए भला-बुरा सुनकर सती ने यज्ञ वेदी मे कूदकर अपने प्राण त्याग दिए। कहते हैं सती का अगला जन्म शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में हुआ और वे शैलपुत्री कहलाईं। फिर शैलपुत्री का विवाह भगवान शिव से हुआ था।
मां शैलपुत्री भोग (Maa Shailputri Bhog)
मां दुर्गा के सोलह श्रृंगार
मां शैलपुत्री की आरती (Mata Shailputri Ki Aarti)
शिव शंकर की प्रय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि सिद्धि परवान करे तू। दये करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने तेरी उतारी।
उसकी सगरी आस जगा दो। सगरे दुख तकलीफ मिटा दो।
घी का सुंदर दीप जलाकर। गोला गरी का भोग लगा कर।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी। शिव मुख चंद चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
मां शैलपुत्री की पूजा विधि (Maa Shailputri Puja Vidhi In Hindi)
- नवरात्रि के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद सफेद वस्त्र धारण करें।
- अब लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर गंगा जल छिड़ककर उसे शुद्ध करलें।
- इसपर केसर से स्वास्तिक बनाएं और यहां मां शैलपुत्री की प्रतिमा स्थापित करें।
- अगर आपके पास मां शैलपुत्री की प्रतिमा नहीं है तो आप मां दुर्गा की प्रतिमा भी स्थापित कर सकते हैं।
- पूजन के समय माता की मनपसंद सफेद वस्त्र, सफेद फूल और सफेद रंग की मिठाइयां अवश्य चढ़ाएं।
- पूजा के बाद मां शैलपुत्री के मंत्रों का 108 बार जाप करें।
- फिर माता की आरती गाकर पूजा का समापन करें।
मां शैलपुत्री व्रत कथा (Maa Shailputri Vrat Katha In Hindi)
क्यों नवरात्रि के पहले दिन की जाती है माँ शैलपुत्री की पूजा
मां शैलपुत्री की पूजा से ये मिलता है लाभ
ऐसा होता है मां शैलपुत्री का स्वरूप (Maa Shailputri Ka Swaroop)
मां शैलपुत्री भोग (Maa Shailputri Bhog)
मां शैलपुत्री मंत्र (Maa Shailpurti Mantra)
-वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
