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Nag Panchami Special Food Items: नाग पंचमी पर नाग देवता को इन चीजों का जरूर लगाएं भोग

Nag Panchami Food Items: नाग पंचमी के दिन घर में तरह-तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। जिनका नाग देवता को भोग लगाया जाता है। कहते हैं इस भोग से नाग देवता शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं।

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Nag Panchami Bhog

Nag Panchami Bhog List (नाग पंचमी भोग): नाग पंचमी का त्योहार भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। कहीं इस दिन नाग देवता को दूध चढ़ाया जाता है तो कहीं इस पर्व वाले दिन गुड़िया पीटने की परंपरा निभाई जाती है। भारत में कुछ राज्यों में नाग पंचमी पर विशेष तरह के व्यंजन तैयार किए जाते हैं। जिसका अपना एक अलग ही महत्व माना जाता है। बता दें इस साल नाग पंचमी का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जा रहा है। जानिए इस दिन नाग देवता को किस चीज का भोग लगाना चाहिए।

नाग पंचमी भोग (Nag Panchami Bhog List)

रसकदम- बंगाल में नाग पंचमी के दिन नागों की देवी मां मनसा की पूजा होती है। इस दिन यहां दूध और छेना से रसकदम मिठाई बनाई जाती है और इसी का भोग लगाया जाता है।

पथोली- महाराष्ट्र में नाग पंचमी के दिन महिलाएं दीवार पर लाल चंदन के पेस्ट से नाग देव का चित्र बनाती हैं। इसके साथ ही पूजा के लिए पथोली औऱ अन्य मीठे व्यंजन बनाती हैं।

मालपुआ- बिहार और उत्तर प्रदेश में नाग पंचमी के दिन मालपुआ बनाया जाता है और इसे नाग देवता को अर्पित किया जाता है। इसके बाद ये प्रसाद रूप में खुद ग्रहण करना होता है।

खीर पूड़ी- नाग पंचमी के दिन मध्य प्रदेश में नाग देवता को खीर-पूड़ी का भोग लगाए जाने की परंपरा है। कहते हैं इस भोग से नाग देवता जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

दाल बाटी- इस दिन राजस्थान में दाल बाटी बनाने का प्रचलन है। नाग पंचमी के दिन नाग देवता को इसी चीज का भोग लगाया जाता है।

केसरी खीर- नाग पंचमी के दिन कई जगह केसर की खीर का भोग लगाया जाता है। माना जाता है कि ये भोग नाग देवता को काफी पसंद है।

चूरमा के लड्डू

चूरमा के लड्डू- कुछ जगह नाग पंचमी पर चूरमा के लड्डू बनाने की परंपरा है। इसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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