Nag Panchami 2025, Gudiya Kab Hai 2025: नाग पंचमी के दिन कई जगह गुड़िया पर्व भी मनाया जाता है। वैसे तो देशभर में इस दिन नाग देवता की पूजा होती है लेकिन कई जगह पर इस दिन गुड़ियां को पीटने की परंपरा निभाई जाती है। इस दिन बहनें कपड़ों की गुड़िया बनाकर उसे सड़क पर रख देती हैं फिर भाई इस गुड़िया को डंडे से खूब पीटेते हैं। नाग पंचमी के दिन गुड़ियां पीटने का क्या कारण है और ये परंपरा कहां से शुरू हुई, आपके इस सवाल का जवाब एक कहानी में है। आप यहां से इस कहानी को पढ़ सकते हैं।
नाग पंचमी गुड़िया क्यों पीटी जाती है (Nag Panchami Par Gudiya Kyo Piti Jati Hai)
पौराणिक कथा अनुसार एक लड़का महादेव का परम भक्त था। वह रोज शिव जी की पूजा करने मंदिर जाता था। उस लड़के को मंदिर में प्रतिदिन नाग देवता के दर्शन होते थे। एक बार सावन के महीने में जब वह लड़का अपनी बहन के साथ शिवलिंग की पूजा करने आया। तब भाई-बहन की पूजा से खुश होकर नाग देवता उन दोनों के पास आकर बैठ गए। लड़के की बहन ये देखकर बहुत डर गई। उसे लगा कि कहीं नाग उसके भाई को काट ना ले इसलिए उसने नाग को डंडे से पीटना शुरू कर दिया।जिससे सांप बहुत घायल हो गया। भाई को सांप की हालत पर बहुत दुख हो रहा था। उस समय मंदिर में मौजूद पुजारी ने कहा कि बहन के द्वारा निर्दोष सांप को कष्ट दोने के कारण उसे सर्प दोष लग चुका है जिसके कई गंभीर परिणाम तुम्हारी बहन को भुगतने पड़ेंगे। भाई ने इस दोष से मुक्ति का उपाय पूछा तब पुजारी ने उसे कपड़े की गुड़िया बनाने को कहा।
लड़के ने पुजारी के बताए अनुसार एक कपड़े की गुड़िया बनाई और उसे 11 बार सीधा और 11 बार उल्टा पीटना शुरू कर दिया। फिर उस गुड़िया को जमीन में गहराई में गाढ़ दिया और इसके बाद सांप की पूजा की। भाई के ऐसा करते ही बहन को सर्प दोष से छुटकारा मिल गया। कहते हैं तभी से नाग पंचमी पर गुड़िया को पीटा जाना लगा ताकि नाग देवता को किसी प्रकार का कष्ट न हो।
