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Nag Panchami Vrata In Gujrati 2024: गुजरात में आज मनाई जा रही है नाग पंचमी, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त और कथा

Nag Panchami Vrata In Gujrati 2024: उत्तर भारत में नाग पंचमी का पर्व सावन में मनाया जाता है तो वहीं गुजरात में ये पर्व भादो मास में मनाया जाता है। जानिए इस साल गुजरात में नाग पंचमी कब मनाई जाएगी।

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Nag Panchami 2024 Gujrati

Nag Panchami Vrata In Gujrati 2024: नाग पंचमी गुजराती कैलेंडर के अनुसार श्रावण कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। ये पर्व कृष्ण जन्माष्टमी से तीन दिन पहले पड़ता है। बता दें गुजरात में सावन महीना 5 अगस्त से शुरू हुआ है जिसकी समाप्ति 2 सितंबर को होगी। बता दें उत्तर भारत में नाग पंचमी का त्योहार 9 जुलाई को मनाया जा चुका है। चलिए जानते हैं गुजरात में नाग पंचमी कब मनाई जाएगी।

नाग पंचमी 2024 गुजरात (Nag Panchami Vrata In Gujrati 2024:)

गुजरात में नाग पंचमी का त्योहार 24 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा। पंचमी तिथि का प्रारंभ 23 अगस्त की सुबह 10 बजकर 38 मिनट पर होगा और इसकी समाप्ति 24 अगस्त की सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर होगी। नाग पंचमी पूजा मुहूर्त 24 अगस्त की सुबह 05 बजकर 55 मिनट से सुबह 07 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।

गुजरात में नाग पंचमी भादो मास में क्यों मनाई जाती है

गुजराती कैलेंडर में चंद्र मास अमावस्या के बाद शुरू होता है इसलिए ही उत्तर भारतीय राज्यों में पालन किए जाने वाले पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार गुजरात में नाग पंचमी का त्योहार भाद्रपद महीने में पड़ता है। लेकिन गुजराती कैलेंडर अनुसार गुजरात में नाग पंचमी श्रावण महीने में ही मनाई जाती है।

नाग पंचमी के विशेष मंत्र (Nag Panchami Mantra)

1. सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।

ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥

ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः।

ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥

2. अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।

शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥

एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।

सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।

तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥

नाग पंचमी पूजा विधि (Nag Panchami Puja Vidhi)

नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। इस दिन नाग देवता की प्रतिमा पर दूध चढ़ाया जाता है। इसके साथ ही इस दिन भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। कई जगह इस दिन जीवित सापों को दूध पिलाया जाता है। नाग पंचमी के दिन लोग अपने घर के मुख्य द्वार पर गोबर से नाग देवता का चित्र बनाकर उसकी पूजा करते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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