अध्यात्म

Monkey Dream Meaning: सपने में बंदर देखने का क्या है मतलब

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 14, 2023, 03:01 PM IST

Monkey Dream Meaning (सपने में बंदर देखने का मतलब): जानिए सपने में बंदरों को खाना खाते देखना, खुश देखना, झुंड में देखना, गुस्से में देखना, लड़ते हुए देखना, तैरते हुए देखने का क्या मतलब होता है।

Image

सपने में बंदरों को खुश देखना शुभ माना जाता है

Monkey Dream Meaning (सपने में बंदर देखने का मतलब): सपने में बंदर देखना शुभ होता है या अशुभ। इस बात को लेकर हर कोई कन्फ्यूज रहता है। कुछ लोग बंदर का सपने में दिखना शुभ संकेत मानते हैं तो कुछ अशुभ। धार्मिक मान्यताओं अनुसार बंदर भगवान हनुमान का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में बंदर के सपने आना इस बात का संकेत है कि भगवान हनुमान की आप पर कृपा दृष्टि बनी हुई है। यहां जानिए बंदर से जुड़े सपने और किस बात का देते हैं संकेत।

सपने में बंदर को खुश देखना

सपने में बंदर को खुश देखना शुभ माना जाता है। ये सपना इस बात का संकेत है कि आपको कोई बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। इसका अर्थ है कि आपको बिजनेस या नौकरी में अच्छा लाभ मिलेगा।

बंदरों को खाते हुए देखना

सपने में बंदरों को खाना खाते देखना अच्छा नहीं माना जाता है। ये सपना इस बात का संकेत है कि आपको आर्थिक नुकसान होने वाला है। आपकी पद-प्रतिष्ठा में कमी आने वाली है।

सपने में बंदर को गुस्से में देखना

अगर आप सपने में बंदर को गुस्से में देखते हैं तो ये अशुभ सपना है। ये सपना आर्थिक नुकसान, घर में क्लेश और पारिवारिक झगड़ा होने का संकेत देता है।

बंदरों को झुंड में देखना

सपने में बंदरों को झुंड में देखना शुभ माना जाता है। ये सपना इस बात का संकेत देता है कि आपके परिवार में कोई नन्हा मेहमान आने वाला है।

बंदरों को लड़ते देखना

सपने में बंदरों को लड़ते हुए देखने का मतलब है कि आपके परिवार में दरार आने वाली है।

बंदर को खाना चुराते देखना

सपने में बंदर को खाना चुराते देखना शुभ माना जाता है। ये सपना धन प्राप्ति का संकेत देता है।

बंदर को तैरते हुए देखना

अगर सपने में बंदर को तैरते हुए देखते हैं तो इसका मतलब है कि आपको कई समस्याओं से छुटकारा मिलने वाला है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article