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Mauni Amavasya Snan Vidhi At Home: मौनी अमावस्या के दिन घर पर अमृत स्नान कैसे करें, यहां जानिए पूरी विधि और मुहूर्त

Mauni Amavasya 2025 Snan Vidhi At Home: मौनी अमावस्या के दिन हर कोई पवित्र नदी में स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त करना चाहता है। लेकिन जो लोग नदी स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं हैं। क्योंकि यहां हम आपको बताएंगे कि आप कैसे घर में ही त्रिवेणी संगम में स्नान करने का पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं।

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Mauni Amavasya 2025 Snan Vidhi At Home

Mauni Amavasya 2025 Snan Vidhi At Home: शास्त्रों में गंगा स्नान के लिए मौनी अमावस्या का दिन बेहद शुभ बताया गया है। विशेषतौर पर इस दिन प्रयाग के त्रिवेणी संगम में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। अभी महाकुंभ मेला चल रहा है ऐसे में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के लिए प्रयाग पहुंच रहे हैं। लेकिन अगर आप किसी कारण नदी स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं तो आप घर पर ही कुछ विशेष उपाय करके पवित्र नदी में स्नान करने का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कि मौनी अमावस्या के दिन घर पर अमृत स्नान कैसे किया जा सकता है।

मौनी अमावस्या के दिन घर पर कैसे करें अमृत स्नान (Mauni Amavasya 2025 Amrit Snan Vidhi At Home In Hindi)

जो लोग 29 जनवरी 2025 को यानी मौनी अमावस्या के दिन कुम्भ नहीं जा पा रहे हैं वो लोग घर पर ही स्नान पात्र में थोड़ा गंगाजल डालकर और फिर उसमें दूसरा जल मिलाकर मां गंगा, यमुना व सरस्वती का नाम लेकर और साथ ही ॐ नमो भगवते वासुदेवायः महामंत्र का मानसिक जप करते हुए स्नान करें। ऐसा करने से उन्हें वही फल प्राप्त होता है। इस बात का ध्यान रखें कि स्नान करते समय मंत्र की ध्वनि किसी भी कीमत पर बाहर न निकले, वह पूर्णतया मानसिक जप हो। ऐसी स्थिति में मन से वह व्यक्ति संगम व ईश्वर के प्रति समर्पित रहता है। संगम स्नान करने जो लोग गए हैं या आप भी जाएं तो वहां से उस दिन का संगम जल अवश्य लाएं।

मौनी अमावस्या पर स्नान का महत्व (Mauni Amavasya Par Snan Ka Mahatva)

मौनी अमावस्या पर सबसे ज्यादा महत्व स्नान का ही माना जाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना बेहद पवित्र होता है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत समान हो जाता है। कहते हैं इस तिथि पर गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के जल में देवताओं का वास होता है। इसलिए इस अवसर पर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान करना शुभ माना जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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