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Masik Shivratri Puja Time Today: आज कितने बजे होगी शिवरात्रि की पूजा, यहां से नोट करें निशिता काल और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त

Masik Shivratri Puja Time Today: आज मासिक शिवरात्रि का शुभ दिन है। आज पूरे विधि-विधान के साथ शिव जी की पूजा की जाती है। तो आज ये पूजा कितने बजे होगी और कैसे होगी, ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां मासिक शिवरात्रि के पूजा मुहूर्त के साथ पूजा की विधि भी मौजूद है।

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मासिक शिवरात्रि नवंबर 2025 पूजा मुहूर्त और विधि (pic credit: canva)

Masik Shivratri Puja Time Today: प्रदोष व्रत की तरह ही मासिक शिवरात्रि व्रत भी भगवान शिव को समर्पित है। हर महीने में एक शिवरात्रि आती है। इस तरह से एक साल में कुल 12 शिवरात्रि पड़ती हैं। मासिक शिवरात्रि व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रखा जाता है। आज वही खास दिन है। आज 18 नवंबर 2025, मंगलवार के दिन मासिक शिवरात्रि है। ऐसे में आज शिव जी की पूजा कितने बजे करनी है, ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां मासिक शिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त और साथ ही पूजा की विधि बताई गई है।

मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त-

आज 18 नवंबर 2025 को मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में की जाएगी। आज निशिता पूजा मुहूर्त रात 11:40 बजे से 12:33 बजे तक है। वहीं, अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 12:07 AM से 1:47 AM तक रहेगा। शिववास इस दिन प्रातःकाल तक भोजन में रहेगा, उसके बाद श्मशान में हो जाएगा।

  • निशाकाल पूजा मुहूर्त: रात 11:40 बजे से देर रात 12:33 बजे तक
  • अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: देर रात 12:07 बजे से रात 1:47 बजे तक

मासिक शिवरात्रि के शुभ योग-

नवंबर की मासिक शिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन आयुष्मान योग और सौभाग्य योग का गठन होगा। चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे, जहां पहले से शुक्र विराजमान हैं, जिससे कलात्मक योग बन रहा है। वहीं, वृश्चिक राशि में सूर्य, मंगल और बुध की युति से त्रिग्रही योग, बुधादित्य योग और आदित्य मंगल योग बन रहे हैं। इन योगों में की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि-

मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने वाले सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर लें। इसके बाद शिव परिवार की पूजा करें। इस दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक जल, शुद्ध घी, दूध, शक्कर, शहद, दही आदि से जरूर करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और श्रीफल जरूर चढ़ाएं। इस दिन शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करें। पूरे दिन अन्न ग्रह न करें आप चाहें तो फल का सेवन कर सकते हैं। फिर अगले दिन भगवान शिव की फिर से पूजा करें और दान आदि करके अपना उपवास खोलें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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