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Margashirsha Amavasya 2024 Timings: आज मार्गशीर्ष अमावस्या कितने बजे तक रहेगी, जान लें टाइमिंग और पूजा विधि

Margashirsha Amavasya 2024 Timings And Puja Vidhi: 1 दिसंबर को मार्गशीर्ष अमावस्या है। हिंदू धर्म में इस अमावस्या का खास महत्व माना जाता है। चलिए आपको बताते हैं मार्गशीर्ष अमावस्या की टाइमिंग और पूजा विधि क्या रहेगी।

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Margashirsha Amavasya 2024 Timings

Margashirsha Amavasya 2024 Timings And Puja Vidhi: मार्गशीष अमावस्या को अगहन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। ये अमावस्या कार्तिक अमावस्या जितनी ही पवित्र और फलदायी होती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। इसके अलावा ये दिन दान-पुण्य के कार्य के लिए भी उत्तम माना जाता है। चलिए आपको बताते हैं मार्गशीर्ष अमावस्या कब से कब तक रहेगी और इसकी टाइमिंग क्या है।

मार्गशीर्ष अमावस्या 2024 टाइमिंग (Margashirsha Amavasya 2024 Timings)

मार्गशीर्ष अमावस्या 1 दिसंबर को मनाई जाएगी। अमावस्या की टाइमिंग 3- नवंबर की सुबह 10 बजकर 29 मिनट से लेकर 1 दिसंबर की सुबह 11 बजकर 50 मिनट तक रहेगी।

मार्गशीर्ष अमावस्या पूजा विधि (Margashirsha Amavasya Puja Vidhi)

-इस दिन प्रातःकाल किसी पवित्र नदी, तालाब या कुंड में स्नान करना चाहिए और सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। स्नान के बाद बहते हुए जल में तिल जरूर प्रवाहित करें।

-इस दिन भगवान विष्णु, श्री कृष्ण और भगवान शिव के पूजन का विधान है।

-इस दिन सत्यनारायण की कथा पढ़नी चाहिए।

-इस दिन गीता पढ़ना भी बेहद शुभ होता है।

-जो लोग मार्गशीर्ष अमावस्या का व्रत करते हैं उन्हें व्रत वाले दिन स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ में दूध और जल अवश्य अर्पित करना चाहिए।

-मार्गशीर्ष अमावस्या का व्रत ज्यादातर लोग निर्जला रखते हैं।

-पूजा-पाठ के बाद भोजन और वस्त्र आदि का यथाशक्ति दान जरूर करें।

मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व (Margashirsha Amavasya Ka Mahatva)

मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन गंगा नदी के तट पर कर्मकांड और पवित्र स्नान करने का विशेष महत्व होता है। अगर इस दिन नदी स्नान संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए। इसके अलावा ये पवित्र दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन और अन्य जरूरत की सामग्री दान करने के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं अमावस्या तिथि के दिन जो कोई भी व्यक्ति अपनी यथाशक्ति के अनुसार दान और पुण्य करता है उसका जीवन सिद्ध हो जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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