अध्यात्म

Amavasya: 1 दिसंबर को पितृ दोष समाप्त करने का सुनहरा अवसर, इन उपायों से मिलेगा पितरों का आशीर्वाद

Margashirsha Amavasya 2024 Upay In Hindi: 1 दिसंबर को मार्गशीर्ष अमावस्या है। ये दिन बेहद पावन और धर्म परायण माना जाता है। कहते हैं इस दिन कुछ खास उपायों को करने से पितृ दोष से तुरंत छुटकारा मिल जाता है।

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Margashirsha Amavasya 2024 Upay In Hindi

Margashirsha Amavasya 2024 Upay In Hindi: मार्गशीर्ष अमावस्या को अगहन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। ये अमावस्या बेहद पवित्र और शुभ फलदायी मानी जाती है। पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार जो लोग पितृ दोष से पीड़ित हैं उन्हें इस अमावस्या पर कुछ खास उपाय जरूर करने चाहिए। क्योंकि ये अमावस्या पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। ये अमावस्या 1 दिसंबर को पड़ रही है। चलिए जानते हैं इस दिन किन उपायों को करने से पितृ दोष से छुटकारा मिल जाएगा।

मार्गशीर्ष अमावस्या उपाय (Margashirsha Amavasya Upay)

  • पितृ दोष से पीड़ित लोग सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी या तालाब में स्नान जरूर करें।
  • इसके बाद सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित करें।
  • इसके बाद जल में तिल प्रवाहित करें और इस दौरान गायत्री मंत्र का जप करें।
  • फिर भगवान विष्णु और भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें।
  • किसी नदी या घाट के तट पर पितरों का तर्पण जरूर करें।
  • इसके अलावा इस दिन व्रत रखें।
  • यथाशक्ति के अनुसार अपने पितरों के नाम से जरूरतमंदों को भोजन कराएं और जरूरी वस्तुओं का दान करें।
  • मान्यता है ऐसा करने से पितृ दोष से छुटकारा मिल जाता है।

मार्गशीर्ष अमावस्या पर करें गीता का पाठ

अमावस्या को गीता के सप्तम अध्याय का पाठ अवश्य करना चाहिए।प्रयास करें एकदम ब्रम्ह मुहूर्त में हो तो बहुत श्रेयस्कर है।पितृ दोष के शमन के लिए यह बहुत सुंदर उपाय है। यह मार्गशीर्ष माह चल रहा है। भगवान कृष्ण ने गीता में इसको सर्योत्तम माह कहा है। अमावस्या 30 नवम्बर 10:29 am से 01 दिसम्बर 11:50 am तक है। उदया तिथि ही मान्य है। 01 दिसम्बर को ब्रम्ह मुहूर्त में यह पाठ करने का बहुत अच्छा रहेगा।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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