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Mangla Gauri Aarti In Hindi: मंगला गौरी माता की आरती हिंदी में यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jul 18, 2023, 06:39 AM IST

Mangla Gauri Aarti In Hindi: सावन के प्रत्येक मंगलवार को मां गौरी की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखने वाली स्त्रियां मंगला गौरी की आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। यहां देखें आरती के हिंदी लिरिक्स।

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Mangla Gauri Aarti In Hindi

Mangla Gauri Aarti Lyrics: पति की लंबी आयु के लिए वैसे तो कई व्रत रखे जाते हैं लेकिन इनमें मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। जिस तरह से सावन का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव को समर्पित है इसी तरह से इस महीने के मंगलवार मां गौरी की पूजा के लिए खास माने जाते हैं। कहते हैं जो महिला सावन (Sawan 2023) के हर मंगलवार को मां गौरी का व्रत करती है उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। व्रत रखने वाली महिलाएं इस दिन मां गौरी की आरती जरूर करें।

मंगला गौरी आरती (Mangla Gauri Aarti In Hindi)

जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता

ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल दाता। जय मंगला गौरी...।

अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता,

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता। जय मंगला गौरी...।

सिंह को वाहन साजे कुंडल है,

साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था। जय मंगला गौरी...।

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता,

हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता। जय मंगला गौरी...।

शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता,

सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता। जय मंगला गौरी...।

सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराताए

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मद माता। जय मंगला गौरी...।

देवन अरज करत हम चित को लाता,

गावत दे दे ताली मन में रंगराता। जय मंगला गौरी...।

मंगला गौरी माता की आरती जो कोई गाता

सदा सुख संपति पाता।

जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।

इस सावन 9 मंगला गौरी व्रत पड़ेंगे। ऐसे में आपके पास माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए अधिक समय रहेगा। विधि विधान इस व्रत को करने से पति को लंबी आयु तो प्राप्त होती ही है साथ ही मंगल दोष से भी मुक्ति मिलती है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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