अध्यात्म

Mandir Darshan: इकलौता मंदिर जहां हनुमान संग विराजे हैं गणेश भगवान, यहां ट्रेन की स्पीड भी हो जाती है कम

Mandir Darshan: भक्तों का मानना है कि जब भी कोई घटना होने वाली होती है तो मंदिर में विराजमान हनुमान किसी न किसी तरह से संकेत देते हैं। भक्त अपने साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानने के लिए भी आते हैं। भक्तों का कहना है कि मंदिर में आते ही उन्हें पूर्वाभास जैसे अनुभव होने लगते हैं, कई बार लगता है कि कुछ तो होने वाला है।

Mandir Darshan

सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर में पैर रखते ही हो जाता है भविष्य की घटनाओं का पूर्वाभास

कई बार हमें आगामी समय में घटने वाली घटनाओं के संकेत पहले ही मिल जाते हैं। ये घटनाएं अच्छी और बुरी दोनों तरह की हो सकती हैं। सपनों और पूर्वाभास के जरिए अक्सर ऐसा होता है। वहीं, एक मंदिर ऐसा भी है जहां विराजमान भगवान हनुमान ऐसा ही कुछ पूर्वाभास देते हैं।

ये मंदिर मध्य प्रदेश में है, जहां भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत भगवान हनुमान देते हैं। ये चमत्कार सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर में होता है, जहां भक्त दूर-दूर से बालाजी महाराज के दर्शन के लिए आते हैं।

मध्य प्रदेश के रतलाम-भोपाल रेलवे ट्रैक के पास शाजापुर में बोलाई गांव है, जहां चमत्कारी हनुमान जी विराजमान हैं। माना जाता है कि मंदिर 600 साल से ज्यादा पुराना है और यहां भगवान हनुमान भविष्य में घटने वाली घटनाओं का संकेत देते हैं। मंदिर को लेकर एक किंवदंती भी प्रसिद्ध है। लोगों का मानना है कि मंदिर के पास दो रेलवे ट्रैक मौजूद हैं, जहां सालों पहले दो मालगाड़ी आपस में टकरा गई थीं।

हादसे के बाद मालगाड़ी चलाने वाले ड्राइवर ने बताया था कि उन्हें हादसे से पहले ही महसूस हो गया था कि कुछ बुरा होने वाला है, उनका मन भी किया कि मालगाड़ी की स्पीड कम की जाए, लेकिन फिर भी उन्होंने पूर्वाभास को दरकिनार करते हुए स्पीड जारी रखी और आगे हादसा हो गया।

भक्तों का मानना है कि जब भी कोई घटना होने वाली होती है तो मंदिर में विराजमान हनुमान किसी न किसी तरह से संकेत देते हैं। भक्त अपने साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानने के लिए भी आते हैं। भक्तों का कहना है कि मंदिर में आते ही उन्हें पूर्वाभास जैसे अनुभव होने लगते हैं, कई बार लगता है कि कुछ तो होने वाला है।

सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर 600 साल से भी पुराना है। यहां अकेले भगवान हनुमान ही नहीं, बल्कि उनके साथ भगवान गणेश भी विराजमान हैं। इसलिए यह मंदिर और भी खास है, जहां दोनों भगवान एक ही प्रतिमा में समाहित हैं। इसी वजह से खेड़ापति हनुमान मंदिर की मान्यता बहुत ज्यादा है। यह देश में पहली ऐसी प्रतिमा है जिसमें हनुमान जी और गणेश जी दोनों एक साथ विराजमान हैं।

मंदिर में मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा का आयोजन होता है। इस दिन रामायण का अखंड पाठ भगवान के सामने किया जाता है और भक्त राम भक्ति में डूबे दिखते हैं। दूर-दूर से भक्त मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा को अलग-अलग रूपों से सजाया जाता है। कभी वे शिव अवतार तो कभी गणेश अवतार में दर्शन देते हैं।

इनपुट -आईएएनएस

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Suneet Singh
Suneet Singh Author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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