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महावीर भगवान की आरती - ओम जय महावीर प्रभु लिरिक्स इन हिंदी, पूजा में गाने के लिए जैन महावीर भगवान की आरती लिखित

Mahavir Bhagwan Aarti Lyrics in Hindi (महावीर भगवान की आरती ओम जय महावीर प्रभु): महावीर आरती जैन धर्म के तीर्थंकर भगवान महावीर को समर्पित एक भक्ति गीत है। यह आरती जैन मंदिरों में पूजा के समय गाई जाती है। महावीर आरती में भगवान महावीर की महिमा का वर्णन किया जाता है और उनसे आर्शीवाद मांगा जाता है। यहां देखें महावीर जी की आरती के लिरिक्स। देखें महावीर भगवान की आरती ओम जय महावीर प्रभु लिखित में। आज महावीर जयंती पर कौन सी आरती गाएं।

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जैन महावीर भगवान की आरती

Mahavir Ji ki Aarti in Hindi (महावीर भगवान की आरती ओम जय महावीर प्रभु): जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जी का जन्म लगभग 599 ईसा पूर्व बिहार के वैशाली में हुआ था। भगवान महावीर को अहिंसा, सत्य, करुणा और तपस्या का प्रतीक माना जाता है। उनके जीवन और शिक्षाएं आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शन का काम करती हैं। महावीर जी ने सादगी और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया और सभी जीवों के प्रति करुणा रखने की शिक्षा देते हैं। महावीर जयन्ती पर भगवान महावीर जी की आरती करने का विशेष महत्व है। इस दिन उनकी आरती करने का मतलब है उनका सम्मान करना। यहां पढ़ें भगवान महावीर की आरती विस्तार से।

महावीर जी की आरती लिखित में (Mahavir Ji Ki Aarti Likhit Mein)

ओम जय महावीर प्रभु ,

स्वामी जय महावीर प्रभु ।

कुण्डलपुर अवतारी,

चांदनपुर अवतारी,

त्रिशलानंद विभु ॥

सिध्धारथ घर जन्मे,

वैभव था भारी ।

बाल ब्रह्मचारी व्रत,

पाल्यो तप धारी ॥

ओम जय महावीर प्रभु...

आतम ज्ञान विरागी,

सम दृष्टि धारी ।

माया मोह विनाशक,

ज्ञान ज्योति जारी ॥

ओम जय महावीर प्रभु...॥

जग में पाठ अहिंसा,

आप ही विस्तारयो ।

हिंसा पाप मिटा कर,

सुधर्म परिचारियो ॥

ओम जय महावीर प्रभु...॥

अमर चंद को सपना,

तुमने परभू दीना ।

मंदिर तीन शेखर का,

निर्मित है कीना ॥

ओम जय महावीर प्रभु...

जयपुर नृप भी तेरे,

अतिशय के सेवी ।

एक ग्राम तिन्ह दीनो,

सेवा हित यह भी ॥

ओम जय महावीर प्रभु...

जल में भिन्न कमल जो,

घर में बाल यति ।

राज पाठ सब त्यागे,

ममता मोह हती ॥

ओम जय महावीर प्रभु...

भूमंडल चांदनपुर,

मंदिर मध्य लसे ।

शांत जिनिश्वर मूरत,

दर्शन पाप लसे ॥

ओम जय महावीर प्रभु...

जो कोई तेरे दर पर,

इच्छा कर आवे ।

धन सुत्त सब कुछ पावे,

संकट मिट जावे ॥

ओम जय महावीर प्रभु...

निशदिन प्रभु मंदिर में,

जगमग ज्योत जरे ।

हम सेवक चरणों में,

आनंद मूंद भरे ॥

ओम जय महावीर प्रभु...

ओम जय महावीर प्रभु,

स्वामी जय महावीर प्रभु ।

कुण्डलपुर अवतारी,

चांदनपुर अवतारी,

त्रिशलानंद विभु ॥

ओम जय महावीर प्रभु...

महावीर भगवान की आरती की विधि क्या है

भगवान महावीर की आरती करने के लिए सबसे पहले पूजा स्थान को साफ करके उनकी प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद दीपक, धूप, पुष्प और चंदन की थाली तैयार करें। शांत मन से नमोकार मंत्र का जाप करते हुए भगवान का स्मरण करें। प्रतिमा पर चंदन लगाकर पुष्प अर्पित करें और धूप-दीप जलाएं। अब घी या कपूर का दीपक जलाकर आरती शुरू करें। आरती की थाली को भगवान के सामने श्रद्धा भाव से गोलाकार घुमाएं और “जय जय आरती वीर प्रभु की” या महावीर स्वामी की आरती गाएं। आरती करते समय मन में अहिंसा, सत्य और संयम का भाव रखें। आरती पूर्ण होने पर भगवान को नमस्कार करें और क्षमा याचना करें। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य आरती लें और नमोकार मंत्र का जाप करें। अंत में सात्विक फल या सूखे मेवे अर्पित कर शांति और सदाचार का संकल्प लें।

महावीर भगवान कौन हैं

गवान महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर माने जाते हैं, जिन्होंने संसार को अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम का मार्ग दिखाया। उनका जन्म लगभग 599 ईसा पूर्व बिहार के वैशाली के पास कुंडलपुर में राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के घर हुआ था। बचपन में उनका नाम वर्धमान था, लेकिन असाधारण साहस और तपस्या के कारण वे महावीर कहलाए।

30 वर्ष की आयु में उन्होंने राजसी जीवन त्यागकर संन्यास ग्रहण किया और कठोर साधना के बाद उन्हें केवलज्ञान (पूर्ण ज्ञान) की प्राप्ति हुई। भगवान महावीर ने लोगों को सिखाया कि हर जीव समान है और किसी भी प्राणी को हिंसा पहुंचाना पाप है। उन्होंने पांच मुख्य सिद्धांत बताए जो इस प्रकार हैं - अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह। उनकी शिक्षाएं आज भी आत्मशांति, सहिष्णुता और सरल जीवन का मार्ग दिखाती हैं। भगवान महावीर को जैन धर्म में मोक्ष और आत्मज्ञान का प्रतीक माना जाता है, और उनकी जयंती को महावीर जयंती के रूप में श्रद्धा से मनाया जाता है।

यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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