अध्यात्म

महाशिवरात्रि 2026: जानें शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या है बड़ा अंतर

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख पर्व है। इस दिन भक्त उपवास रखकर पूजा करते हैं। यह पर्व भक्ति, संयम और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष होता है। आइए जानते हैं शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?

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महाशिवरात्रि 2026

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि जो भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण त्योहार है, हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। यह त्योहार सर्दियों के अंत में, यानी फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में मनाया जाता है। फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं तारीख की बात करें तो इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। शिवरात्रि हर महीने आती है, जबकि महाशिवरात्रि साल में एक बार आती है। इस दिन उपवास के विभिन्न तरीके हैं, महाशिवरात्रि का उद्देश्य भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करना है। आज हम आपको बताएंगे कि शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?

शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का अंतर

हालांकि शिवरात्रि और महाशिवरात्रि दोनों भगवान शिव को समर्पित हैं, लेकिन इनके बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं। शिवरात्रि, जिसे मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है, हर महीने मनाई जाती है। जबकि महाशिवरात्रि साल में बारह शिवरात्रियों में से एक विशेष अवसर है, जो फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक है।

इस वर्ष भद्रा का प्रभाव

इस वर्ष महाशिवरात्रि के दिन भद्र काल का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, भद्र 15 फरवरी को शाम 5:04 बजे से शुरू होगा और 16 फरवरी को सुबह 5:23 बजे तक रहेगा। भद्र काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करने की सलाह दी जाती है।

उपवास के विभिन्न तरीके

महाशिवरात्रि के दिन उपवास रखने के कई तरीके होते हैं:

1. निर्जला व्रत: यह सबसे कठोर उपवास है, जिसमें भक्तों को न केवल भोजन, बल्कि पानी से भी वर्जित रहना होता है।

2. फलाहार व्रत: इस उपवास में भक्तों को चाय, पानी, नारियल पानी, फल का रस आदि का सेवन करने की अनुमति होती है।

3. समाप्त व्रत: इसमें भक्त एक समय का भोजन कर सकते हैं, जिसमें खीर, मखाना खीर, या अन्य मीठे व्यंजन शामिल होते हैं।

महाशिवरात्रि के दिन क्या नहीं खाना चाहिए?

महाशिवरात्रि के उपवास के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से बचना आवश्यक है।

  • अनाज: चावल, गेहूं और दालों से बने खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • प्याज और लहसुन: इनका सेवन तामसिक माना जाता है, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
  • सामान्य नमक: इस दिन साधारण नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए, बल्कि सेंधा नमक का उपयोग करना चाहिए।
  • मसालेदार और मांसाहारी भोजन: इनका सेवन सख्त मना है।

महाशिवरात्रि एक आध्यात्मिक पर्व है, जो भक्तों को भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन उपवास और पूजा-पाठ के माध्यम से भक्त शिव से आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

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गुलशन कुमार
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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