अध्यात्म

Magh Purnima Daan: माघ पूर्णिमा के दिन इन चीजों का दान माना गया है अत्यंत शुभ, हर इच्छा होगी पूर्ण

Magh Purnima Daan (माघ पूर्णिमा दान): स्नान-ध्यान और दान-पुण्य करने के लिए माघ पूर्णिमा की तिथि को अत्यंत ही फलदायी माना जाता है। कहते हैं इस दिन किए गए अनुष्ठानों से जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन कुछ ऐसी विशेष चीजें हैं जिनका दान करना बहुत ही फलदायी माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं क‍ि जानिए माघ पूर्णिमा पर क्या दान करना चाहिए।

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Magh Purnima Daan

Magh Purnima Daan (माघ पूर्णिमा दान): पूर्णिमा की तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान करने का विशेष-विधान होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति माघ के पूरे महीने में स्नान, ध्यान और दान का लाभ नहीं उठा पाता है वो माघ पूर्णिमा के दिन ऐसा करके अनंत सुख और शांति की प्राप्ति कर सकता है। इस साल माघ पूर्णिमा का पर्व 12 फरवरी को बुधवार के दिन पड़ेगा। इस दिन कई लोग अपने घरों में भगवान सत्यनारायण की कथा करवाते हैं क्योंकि ये दिन भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। माघ पूर्णिमा के द‍िन दान-दक्षि‍णा करने का भी विशेष महत्व होता है। ऐसे में जान लें इस दिन किन चीजों के दान से पुण्य की होती है प्राप्ति।

माघ पूर्णिमा पर क्या दान करना चाहिए (Magh Purnima Par Kya Daan Karna Chahiye)

  • गुड़
  • घी
  • कपास
  • लड्डू
  • फल
  • अन्न
  • वस्त्र
  • धन
  • तिल
  • गौदान

माघ पूर्णिमा पर दान के फायदे (Magh Purnima Par Daan Ke Fayde)

माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद दान करने का भी विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं इस दिन दान करने से पूरे माघ महीने में किए जाने वाले दान का पुण्य एक साथ प्राप्त हो जाता है। इस दिन गौदान, वस्त्र, गुड़, घी, कपास, लड्डू, फल, अन्न आदि चीज़ों का दान बेहद शुभ माना जाता है। दान के अलावा इस दिन परिवार के सदस्यों के संग भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना भी बेहद शुभ होता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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