Magh Purnima 2023 Snan Daan Importance: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का खास महत्व होता है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और पूजन करने से पुण्यफल प्राप्त होता है। लेकिन शास्त्रों के अनुसार, सभी पूर्णिमा तिथि में माघ महीने की पूर्णिमा यानी माघी पूर्णिमा में व्रत और पूजन के साथ ही स्नान-दान के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु गंगा नदी में वास करते हैं। यही कारण है कि इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगल पर भक्त स्नान करते हैं। बता दें कि, इस साल माघ पूर्णिमा 5 फऱवरी 2023 को पड़ रही है।
माघ पूर्णिमा पर स्नान का महत्व
माघ पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में गंगास्नान या पवित्र नदी में स्नान का महत्व होता है। यदि किसी कारण नदी स्नान संभव न हो तो आप घर पर ही स्नान करने के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। माघ पूर्णिमा की तिथि में किए गए गंगा स्नान से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और उसे मरणोपरांत मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में भी बताया गया है कि माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु का वास गंगा में होता हैं। इस दिन महज गंगाजल के स्पर्श मात्र करने भर से ही जातक को स्वर्ग की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद ध्यान और भगवान विष्णु के पूजन के बाद ही कुछ ग्रहण करें। यदि आप इस दिन व्रत रखें तो उत्तम होगा। रात्रि में चंद्रोदय के बाद लक्ष्मी जी का पूजन करें और शिवजी की भी उपासना करें। साथ ही चंद्रमा को जल में सफेद फूल डालकर अर्घ्य दें।
माघ पूर्णिमा पर करें दान
माघ पूर्णिमा के मौके पर स्नान और पूजन के बाद दान करने का महत्व भी है। श्रद्धालु इस दिन यथाशक्ति गरीब, जरूरतमंद और ब्राह्मणों में अन्न , वस्त्र, तिल, कपास, भोजन, गुड़, फल, कंबल, घी जैसी चीजों का दान करते हैं। इससे आर्थिक समस्या दूर होती है और कार्य में सफलता मिलती है। मत्स्य पुराण में माघ पूर्णिमा के दान के महत्व के बारे में कहा गया है कि, इस दिन किए दान से ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
