अध्यात्म

लोहड़ी पर क्या नॉन वेज खा सकते हैं, क्या बाल धो या कटा सकते हैं, रेवड़ी खा सकते हैं - जानें लोहड़ी पर क्या करें और क्या नहीं

लोहड़ी के नियम क्या हैं (Lohri Par Kya Karein Aur Kya Nahin): लोहड़ी का त्योहार फसल और उल्लास से जुड़ा है। यह पर्व सूर्य की उपासना से भी जुड़ा है। ऐसे में लोग लोहड़ी मनाने के नियमों के बारे में भी जानना चाहते हैं। यहां देखें कि क्या लोहड़ी पर क्या नॉन वेज खा सकते हैं, क्या लोहड़ी पर बाल धो सकते हैं, क्या लोहड़ी पर रेवड़ी खाना शुभ होता है - यहां देखें लोहड़ी की परंपराओं और मान्यताओं की जानकारी।

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लोहड़ी पर क्या करें और क्या नहीं, देखें नियम

लोहड़ी के नियम क्या हैं (Lohri Par Kya Karein Aur Kya Nahin): लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो खासकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार सर्दी के अंत, नई फसल और सूर्य की उपासना से जुड़ा हुआ है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि लोहड़ी पर क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए, नॉनवेज खा सकते हैं या नहीं और क्या इस दिन बाल धोना शुभ होता है? आइए जानते हैं परंपराओं और मान्यताओं के आधार पर पूरी जानकारी।

लोहड़ी पर नॉनवेज खाना चाहिए या नहीं | can we eat non veg on Lohri

बता दें कि लोहड़ी मुख्य रूप से एक लोक और कृषि पर्व है, न कि कोई शास्त्र-सम्मत व्रत। इसलिए धार्मिक रूप से नॉनवेज खाने की सख्त मनाही नहीं है। हालांकि जिन परिवारों में लोहड़ी को पूजा, हवन या अग्नि को अर्पण के रूप में मनाया जाता है, वहां इस दिन सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है।

परंपरा के अनुसार, लोहड़ी पर रेवड़ी, मूंगफली, गजक, तिल, गुड़, मक्का, सरसों का साग और मक्के की रोटी जैसे शुद्ध और देसी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए नॉनवेज खाना व्यक्ति की पारिवारिक परंपरा और आस्था पर निर्भर करता है।

क्या लोहड़ी के दिन बाल धो सकते हैं | Can we wash hair on Lohri

लोहड़ी के दिन बाल धोने को लेकर कोई धार्मिक निषेध नहीं है। यह पर्व अशुभ तिथि या व्रत से जुड़ा नहीं होता। हालांकि, लोकमान्यता के अनुसार यदि घर में लोहड़ी की पूजा, अग्नि प्रज्वलन या नवविवाहित/नवजात शिशु की पहली लोहड़ी मनाई जा रही हो, तो लोग दिन में बाल धोने से बचते हैं और इसे शाम या अगले दिन के लिए टाल देते हैं। सामान्य रूप से बाल धोना वर्जित नहीं है, यह पूरी तरह व्यक्तिगत मान्यता पर निर्भर करता है।

लोहड़ी का त्योहार 2026 में मंगलवार के दिन पड़ रहा है। इस वजह से इस दिन बाल कटवाने और धोने से लोग परहेज कर रहे हैं।

क्या लोहड़ी पर रेवड़ी खा सकते हैं | can we eat rewri on Lohri

हां, लोहड़ी पर रेवड़ी खाना पूरी तरह शुभ और परंपरागत माना जाता है। रेवड़ी तिल और गुड़ से बनती है, जो सर्दी में शरीर को गर्म रखने और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। यही कारण है कि सदियों से लोहड़ी के प्रसाद में रेवड़ी को विशेष स्थान दिया गया है। लोहड़ी का असली भाव खुशियां बांटना है, और रेवड़ी इसी भावना की मिठास का प्रतीक है। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि लोहड़ी के अलाव में झूठी रेवड़ी ना डालें और पूजा की रेवड़ी का प्रसाद श्रद्धा से ग्रहण करें।

लोहड़ी पर क्या करना चाहिए

  1. सुबह साफ-सफाई करके घर को सजाएं
  2. शाम के समय लोहड़ी जलाकर अग्नि की परिक्रमा करें
  3. तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली अग्नि में अर्पित करें
  4. बड़ों का आशीर्वाद लें और बच्चों को उपहार दें
  5. लोकगीत गाएं और सकारात्मक वातावरण बनाएं

लोहड़ी पर क्या नहीं करना चाहिए

  • झगड़ा, कटु वचन और नकारात्मक सोच से बचें
  • पूजा के समय मांस-मदिरा से दूरी रखें
  • अग्नि का अपमान न करें या उसे मजाक का साधन न बनाएं
  • जरूरत से ज्यादा दिखावे से बचें

ध्यान रहे कि लोहड़ी आनंद, एकता और आभार का पर्व है। इसे पारंपरिक और सात्विक रूप में श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा के साथ मनाएं।

FAQs

लोहड़ी क्या है और क्यों मनाई जाती है?

लोहड़ी उत्तर भारत का प्रमुख लोकपर्व है, जो खासकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मनाया जाता है। यह पर्व नई फसल, सर्दी के अंत और सूर्य उपासना से जुड़ा है। लोहड़ी को समृद्धि, खुशहाली और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व माना जाता है।

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Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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