लड्डू गोपाल की सेवा में जरूर करें ये काम
Lord Krishna Puja Niyam: कहा जाता है कि जिस घर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल होते हैं, वह घर स्वयं वृंदावन बन जाता है। जिनके भी घर में लड्डू गोपाल की नियमपूर्वक सेवा की जाती है, वहां कोई परेशानी, समस्या या नकारात्मक पास भी नहीं आ पाती है। हालांकि इसके सिर्फ मूर्ति लाकर रख देना काफी नहीं है। लड्डू गोपाल जीवंत रूप हैं, वे साक्षात् बाल स्वरूप श्रीकृष्ण हैं।
इनकी सेवा में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ा पाप का कारण बनती है, क्योंकि वे बाल स्वरूप हैं और उनकी सेवा बच्चे के भांति ही की जानी चाहिए।लाखों भक्तों के घर में ठाकुर जी हैं, लेकिन कुछ लोग कान्हा की सेवा में कुछ त्रुटियां कर देते हैं, जिनका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ता है। ऐसे में अगर आपने भी अपने घर में ठाकुर जी के बाल स्वरूप का विग्रह विराजमान किया हुआ है तो आपको डेली ये 5 कार्य करना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि वे कौन से कार्य हैं।
जिस तरह हम सोकर उठते हैं, उसी तरह लड्डू गोपाल भी सोते हैं। रात को आप उन्हें सुलाते हैं, तो सुबह सबसे पहले उन्हें जगाना आपका पहला कर्तव्य है।सुबह 5-6 बजे के बीच ‘उठो देवा, बैठो देवा…’ या ‘जय श्री कृष्ण, उठो लाला’ कहते हुए पर्दा हटाएं, हाथ जोड़कर प्रणाम करें।
लड्डू गोपाल को रोज स्नान कराना अनिवार्य है। गर्मी में दिन में 2 बार, सर्दी में 1 बार पंचामृत या दूध-गंगाजल से स्नान कराएं। बिना स्नान कराए भोग लगाने से वह भोग स्वीकार नहीं करते हैं। स्नान के बाद उनको सुंदर वस्त्र, चंदन, तुलसी और फूलों की माला जरूर पहनाएं। इससे ठाकुर जी प्रसन्न होते हैं और घर में लक्ष्मी का वास होता है। हालांकि सर्दियों में लाला को नहलाने के लिए गर्म पानी का प्रयोग कर सकते हैं।
लड्डू गोपाल छोटे बालक हैं, उन्हें बार-बार भूख लगती है। उन्हें सुबह माखन-मिश्री, 9 बजे फल, दोपहर का भोग, शाम को पंचामृत, रात को दूध-मिठाई और सोते समय खीर देना चाहिए। अगर आप इतना भोग नहीं लगा सकते हैं तो कुछ न कुछ 6 बार भोग में जरूर रखें। भोग लगाते समय घंटी बजाएं और ठाकुर जी को भोग लगाने के लिए कहें। भोग में तुलसी पत्र जरूर डालें।
रात 9-10 बजे के बीच ठाकुर जी को दूध पिलाकर, लोरी गाकर या ‘जय कन्हैया लाल की’ गाते हुए सुलाना बहुत जरूरी है। उनको झूला झुलाएं, मच्छरदानी लगाएं, छोटा तकिया-गद्दा बिछाएं और पर्दा डालकर लाइट बंद करें। जो लोग रात को ठाकुर जी को ऐसे ही छोड़ देते हैं, उनके घर में ठाकुर जी रात भर जागते हैं।
लड्डू गोपाल को रोज नया श्रृंगार करें। इसमें बांसुरी, मोरपंख, पगड़ी, अलग-अलग पोशाक पहनाएं। उन्हें अपना दोस्त मानकर रोज बातें करें। जैसे ‘लाला आज क्या खाओगे? या कोई परेशानी होतो ‘आज ऑफिस में मेरी मदद करना’ आदि कह सकते हैं। जो लोग ठाकुर जी को सिर्फ मूर्ति समझकर चुपचाप रखते हैं, उनके साथ ठाकुर जी का भाव नहीं जुड़ता है।
जिन घरों में लड्डू गोपाल हैं, वहां माता लक्ष्मी स्वयं निवास करती हैं। मान्यता है कि लड्डू गोपाल को आप वैसे ही प्यार करें, जो छोटे बच्चे को करते हैं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।