Vastu Tips for Water Fountain: साफ-सुथरा और सुंदर घर सभी को पसंद आते हैं। घर को सुंदर बनाने के लिए हम कई तरह के सजावट समाग्री का प्रयोग करते हैं। कुछ लोग अपने घर को सजाने के लिए जहां फूल पौधों का इस्तेमाल करते हैं, वहीं कुछ लोग तरह-तरह के शोपीस से अपने घर को नया लुक देते हैं। घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए वाटर फाउंटेन को भी एक शानदार ऑप्शन माना जाता है। इससे ना केवल घर सुंदर दिखता है, बल्कि इसे वास्तु शास्त्र में भी बड़ा शुभ माना गया है। अगर आप भी अपने घर को वाटर फाउंटेन से सजाने की सोच रहे हैं या अपने पहले से ही अपने घर में वाटर फाउंटेन रखा हुआ है तो वास्तु नियमों का विशेष ध्यान रखें। वास्तु शास्त्र में इसे आर्थिक प्रगति देने वाला माना गया है। वास्तु के अनुसार, प्रवाहित जल में तरक्की छिपी होती है। इसकी वजह से आस-पास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
वाटर फाउंटेन की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के दाएं कोने को वाटर फाउंटेन रखने का सबसे अच्छा दिशा माना गया है। क्योंकि दाएं कोने से ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। फव्वारे के साथ यह आपके घर में प्रवाहित होगा। वाटर फाउंटेन के लिए घर की उत्तर दिशा और ईशान कोण को भी अच्छा माना गया है। वाटर फाउंटेन रखते समय हमेशा ध्यान रखें कि इसे कभी भी घर के दक्षिण, दक्षिण-पूर्व या पश्चिम क्षेत्र में न रखें। इससे घर-परिवार में हमेशा परेशानियां बनी रहेंगी।
वाटर फाउंटेन का सही स्थान
वास्तु शास्त्र में वाटर फाउंटेन को घर के मुख्य द्वार पर रखने को बहुत ही शुभ माना गया है। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर प्रवेश नहीं करती। इसके अलावा आप इसे आंगन में भी रख सकते हैं। वाटर फाउंटेन को कभी भी बेडरूम में न रखें। क्योंकि वाटर फाउंटेन के लिए बेडरूम को सबसे खराब जगह माना जाता है। इससे आपसी रिश्ते में खटास बढ़ती है। साथ ही रसोईघर में भी वाटर फाउंटेन को रखना सही नहीं माना जाता है। क्योंकि रसोई अग्नितत्व से जुड़ा होता है, इसलिए जल तत्व से जुड़ी चीजें नहीं रखनी चाहिए।
वाटर फाउंटेन के लाभ
वाटर फाउंटेन में पानी हमेशा पानी बहता रहना चाहिए। पानी का ठहराव जीवन में बाधा ला सकता है। वहीं, बहता हुआ जल जीवन में खुशी, प्रेम और सौभाग्य लाता है। फाउंटेन को सही स्थिति और दिशा में रखने से परिवार की आय में बढ़ोतरी होती है। माना जाता है कि, वॉटर फाउंटेन से बहते हुए पानी को देखने से व्यक्ति तनाव मुक्त होता है और उसका मन भी आनंदित होता है।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
